Last Updated: January 03, 2026, 07:52 IST
रांची. झारखंड की राजधानी रांची में एपी ग्रुप की स्कूटी की काफी डिमांड देखने को मिलती है. इसके मालिक मिथिलेश हैं, जो कभी साइकिल से चला करते थे और मात्र दसवीं पास हैं. मिथिलेश बताते हैं कि लोग मना करते थे, लेकिन उन्होंने मात्र 60,000 रुपये इन्वेस्ट करके डीलर से दो बाइक लीं और उन्हें बेच दिया. वहीं से शुरुआत हुई और आज वह दो गाड़ी से तीन शोरूम के मालिक बन चुके हैं.
दो बाइक से तीन शोरूम तक का सफर
मिथिलेश ने लोकल 18 को बताया कि 'आज रांची में मेरे तीन शोरूम हैं और करोड़ों में टर्नओवर है. इसके अलावा आज अपनी खुद की स्कूटी कंपनी एपी ग्रुप है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक स्कूटी की मैन्युफैक्चरिंग होती है. पूरे रांची में सबसे सस्ती और अफोर्डेबल स्कूटी यहीं मिलती है. क्योंकि हम लोग खुद मैन्युफैक्चरिंग करते हैं, इसलिए सस्ते में दे पाते हैं.
इसके अलावा हमारा खुद का सर्विसिंग सेंटर भी है. यही कारण है कि लोग हम पर भरोसा कर पाते हैं. क्योंकि उन्हें पता है कि प्रोडक्ट खरीदने के साथ सर्विस भी मिल जाएगी, वह भी क्वालिटी की गारंटी के साथ. लेकिन यहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था. एक समय ऐसा भी था जब डीलरशिप लेने के लिए हमें दर-दर भटकना पड़ा था.'
दो गाड़ी सबसे पहले बेची
उन्होंने बताया कि 'सबसे पहले कहीं से हमें दो गाड़ियां मिलीं और वे आते ही बिक गईं. इसके बाद हमारे पास डीलरशिप नहीं थी, फिर राउरकेला से हमें गाड़ियां मंगवानी पड़ती थीं. यह 1993 की बात है, जब लोहरदगा और राउरकेला के बीच सिर्फ एक पतली सड़क होती थी. बारिश के मौसम में सुबह 4 बजे से लेकर 24 घंटे तक खुद को सुरक्षित रखते हुए बाइक या गाड़ी से लगातार सफर करना पड़ता था.'
केवल 10वीं तक पढ़ाई
साथ ही उन्होंने बताया कि 'मैंने केवल दसवीं तक की पढ़ाई की है, क्योंकि मुझे पढ़ाई में कोई खास रुचि नहीं थी. शुरू से ही मुझे बिजनेस में दिलचस्पी थी और मुझे पता था कि मैं इसमें अच्छा करूंगा. बाद में 12वीं की पढ़ाई की, लेकिन उसके बाद पूरी तरह पढ़ाई छोड़कर बिजनेस में लग गया. अच्छी क्वालिटी और अच्छी सर्विसिंग का ही नतीजा है कि दो गाड़ियों से शुरू हुआ सफर आज हरमू रोड के किशोरगंज स्थित तीन शोरूम तक पहुंच चुका है.'
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