एआई की वजह से दुनिया को मिले कई नए अरबपति

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Category: Business
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03-Jan-2026 वाशिंगटन (ईएमएस)। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की वजह से दुनिया को बडी संख्या में नए अरबपति मिले है। 22 साल के युवा भी इस लिस्‍ट में शामिल हुए जिनकी कंपनी का वैल्‍यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंच गया। साल 2025 को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में हुई प्रगति के लिए याद किया जाएगा। इस साल एआई का विस्‍तार बहुत तेजी से हुआ। इस वजह से इस क्षेत्र में जमकर पैसों की बरसात हुई। एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनि‍याभर के निवेशकों ने एआई स्‍टार्टअप्‍स में 200 अरब डॉलर से ज्‍यादा पैसा लगाया। एआई के क्षेत्र में भारी निवेश, एआई इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर की वजह से 50 से ज्‍यादा लोग कागजों पर अरबपति बन गए। अमेरिका के साथ-साथ चीन की एआई कंपनियों से जुड़े बिजनेसमैन भी अरबपति बने। फोर्ब्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, सर्ज एआई के सीईओ एडविन चेन की अनुमानित संपत्ति‍ 18 अरब डॉलर के करीब है। उनकी कंपनी डेटा लेबलिंग का काम करती है। कंपनी ने 5 साल से कम वक्‍त में 24 अरब डॉलर का मूल्‍यांकन हासिल किया है। उनकी कंपनी के पास गूगल, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट, एंथ्रोपिक जैसे बड़े कस्‍टमर हैं। चेन की अपनी कंपनी में 75 फीसदी हिस्‍सेदारी है और वह फोर्ब्‍स 400 लिस्‍ट में सबसे अमीर नए व्‍यक्‍त‍ि बने हैं। 37 साल की उम्र में लिस्‍ट में शामिल होने वाले वह सबसे कम उम्र व्‍यक्‍त‍ि भी हैं। ब्रेट टेलर और क्‍ले बावर दोनों ही सिएरा के को-फाउंडर हैं। उनकी कंपनी ऐसे एआई एजेंट बनाती है जो कस्‍टमर सर्विस में इस्‍तेमाल होते हैं। सिएरा के पास 'द नॉर्थ फेस' और इलेक्‍ट्र‍िक वीकल कंपनी रिवियन जैसे बड़े ग्राहक हैं। ब्रेट टेलर और क्‍ले बावर की कुल संपत्त‍ि ढाई-ढाई अरब डॉलर है। सितंबर में सिएरा ने नया फंड जुटाया तो कंपनी का वैल्‍यूएशन बढ़ा, जिससे दोनों को-फाउंडर अरबपति बन गए। साल 2023 में शुरू हुई मेरकोर, 350 मिलियन डॉलर जुटाकर 10 अरब डॉलर के वैल्‍यूशन वाली कंपनी बन गई है। कंपनी के तीना फाउंडर्स ब्रेंडन फूडी, अदार्श हिरेमथ और सूर्या मिधा के पास 2.2 अरब डॉलर की संपत्त‍ि है। यह कंपनी बड़ी एआई कंपनियों के लिए डेटा मूल्‍यांकन और लेबलिंग करने के लिए एक्‍सपर्ट और पीएचडी होल्‍डर्स की भर्ती करती है। लवेबल कंपनी के को-फाउंडर है एंटोन ओसिका और फैबियन हेडीन जो कि एक वाइब कोडिंग स्‍टार्टअप है। आसान भाषा में समझाएं तो एक ऐसी कंपनी जो उन यूजर्स को वेबसाइट व ऐप बनाने में मदद करती है, जिनके पास सॉफ्टवेयर का कोई एक्‍सपीरियंस नहीं है। सिर्फ प्रॉम्‍प्‍ट डालकर वेबसाइट या ऐप बनाया जा सकता है। दिसंबर में लवेबल के को-फाउंडर अरबपति बने, जब कंपनी ने 330 मिलियन डॉलर का फंड जुटाया। स्केल आई के को-फाउंडर लुसी गुओ 31 साल की उम्र में इस साल दुनिया की सबसे कम उम्र की सेल्‍फ मेड महिला अरबपति बनीं। उनके लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ मेटा का स्‍केल एआई में निवेश। सुदामा/ईएमएस 03 जनवरी 2026

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