माई सिटी रिपोर्टर नोएडा। सेक्टर-94 कालिंदीकुंज से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-23सी तक प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण की राह में बड़ी अड़चन दूर होने की उम्मीद है। परियोजना के लिए सिंचाई विभाग की जमीन प्रभावित होने के कारण जरूरी एनओसी शासन स्तर से दिलाने पर सहमति बनी है। शनिवार को नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक के बाद एनएचएआई ने औद्योगिक विकास आयुक्त (आईडीसी) और प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार के सामने परियोजना का प्रस्तुतीकरण किया। आईडीसी ने परियोजना की उपयोगिता को देखते हुए स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
प्रस्तावित करीब 50 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को जोड़ते हुए जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। परियोजना के रास्ते में आने वाली सिंचाई विभाग की जमीन की एनओसी अब तक प्रमुख चुनौती थी। शासन से एनओसी मिलने के बाद एनएचएआई के स्तर पर अगली प्रक्रिया तेज हो सकेगी। यमुना पुश्ता से चाई-4, फिर एयरपोर्ट की ओर
प्रस्तावित मार्ग सेक्टर-94 कालिंदीकुंज से शुरू होकर यमुना पुश्ता रोड के समानांतर आगे बढ़ेगा। इसके बाद हिंडन नदी पार कर चाई-4 के सामने ग्रेटर नोएडा में पहुंचेगा। यहां से यमुना एक्सप्रेसवे और यमुना नदी के बीच घरबरा, मुरशदपुर, सेक्टर-27, 26, 24 और 24ए होते हुए यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-23सी और 23एच के बीच फरीदाबाद-जेवर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। यह एक्सप्रेसवे सीधे जेवर एयरपोर्ट तक जाता है। एनएचएआई परियोजना की डीपीआर तैयार कर रहा है। नोएडा प्राधिकरण ने मांगे गए 26 गांवों के राजस्व नक्शे उपलब्ध करा दिए हैं। अधिकारियों ने एनएचएआई को परियोजना से जुड़े काम में पूरा सहयोग देने की बात कही है।
तीनों प्राधिकरण के साथ मिलकर एनएचएआई ने तैयार किया है प्रारूप परियोजना का प्रारूप और एलाइनमेंट एनएचएआई ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के साथ समन्वय कर तैयार किया है। करीब 27 किलोमीटर हिस्सा सेक्टर-94 से सेक्टर-150 के आगे तक नोएडा क्षेत्र में आएगा। एलाइनमेंट अंतिम होने के बाद डीपीआर के आधार पर परियोजना की वास्तविक लागत सामने आएगी। इसके बाद एनएचएआई बोर्ड से मंजूरी लेना महत्वपूर्ण चरण होगा। इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स के काम फिर शुरू करवाने के निर्देश
आईडीसी ने सेक्टर-151 में करीब एक साल से बंद इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स परियोजना की भी समीक्षा की। उन्होंने बचे काम दोबारा शुरू कराकर इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। जून 2025 से परियोजना का काम बंद है। परियोजना 2021 में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई थी। बाद में 12 करोड़ रुपये की लागत वृद्धि हुई। क्लब हाउस और बैंक्वेट के इंटीरियर व अन्य सुविधाओं के लिए 25 करोड़ रुपये और बढ़े। अब कुल लागत करीब 140 करोड़ रुपये हो चुकी है। परियोजना की पहली समयसीमा सितंबर 2022 थी।
-- - एनएचएआई ने एक्सप्रेसवे के एलाइनमेंट और अन्य तथ्यों के साथ औद्योगिक विकास आयुक्त के सामने प्रस्तुतीकरण दिया। आयुक्त ने कहा कि परियोजना के लिए सिंचाई विभाग की एनओसी शासन स्तर से दिलाई जाएगी। एनएचएआई बोर्ड से परियोजना की मंजूरी लेने के लिए भी सहमति दी गई है।'
-एके अरोड़ा, जीएम, नोएडा प्राधिकरण
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