आलमनगर, एक संवाददाता। मधेपुरा-खगड़िया-भागलपुर जिला सीमा से गुजरने वाली कोसी नदी में उफान से प्रखंड के आधा दर्जन पंचायत पर बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रखंड के तीन पंचायतों में घरों तक पानी पहुंच गया है। जबकि चार पंचायतों के निचले इलाकों में पानी बढ़ने का सिलसिला जारी है। तीन पंचायतों किशनपुर रतवारा, खापुर और गंगापुर में बाढ़ ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार इन पंचायतों के लगभग 60 से 70 घरों और आंगन में एक से दो फीट तक पानी घुस गया है। घर आंगन तक पानी पहुंचने के बाद से प्रभावित परिवारों की परेशानी बढ़ गयी है।
प्रभावित परिवारों के अनुसार प्रशासन की ओर से अब तक राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में खाने पीने की समस्या उत्पन्न होने लगी है। प्रभावित इलाके के लोग ऊंचे स्थानों पर जाने की तैयारी करने लगे हैं। पशुपालक अपने पशुओं को ऊंचे स्थानों पर ले जाने लगे हैं। प्रभावित इलाकों में आधा दर्जन से सड़कों पर पानी फैलने से कई गांव का सड़क संपर्क भंग हो गया है। हालांकि अंचल प्रशासन की ओर से नाव का परिचालन कराया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मी की टीम प्रभावित क्षेत्रों में जगह-जगह कैंप लगाकर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा रही है। बताया गया कि कोसी के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र में हर रोज नए नए इलाकों में पानी फैल रहा है। जगह-जगह नाव के परिचालन की आवश्यकता उत्पन्न होती जा रही है। किशनपुर-रतवारा पंचायत का पूर्वी छतौना, भवानीपुर बासा, अठगामा महादलित टोला, अठगामा निषाद टोला, मुरौत जागिर टोला, मुरौत महादलित टोला, रतवारा स्कूल महादलित टोला का सड़क संपर्क भंग हो गया है। वहीं खापुर पंचायत का सबरीनगर दो कठिया, पचबीरा बासा, सागर बासा सहित अन्य गांव का सड़क संपर्क भंग होने से आवागमन प्रभावित हो गया है। गंगापुर पंचायत के हरजोड़ा घाट, खरौवा बासा, बलहा बासा, बैजू मंडल टोला, मारबाड़ी बासा, सरबन्नी टोला, पैकांत टोला आदि का सड़क संपर्क भंग होने से आवाजाही प्रभावित हो गयी है। कोसी नदी में लगातार पानी बढ़ने से पशुपालकों के बीच पशु चारे की समस्या गंभीर बन गयी है। बड़गांव, इटहरी, कुंजौड़ी, नरथुआ-भागीपुर आदि पंचायत क्षेत्र के निचले इलाकों में कोसी नदी पानी फैलने से लोगों में संभावित बाढ़ की आशंका बढ़ने लगी है।
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