TMC सांसद के लखनऊ आवास पर ED का छापा, जानिए कौन हैं नदीमुल हक

TMC सांसद के लखनऊ आवास पर ED का छापा, जानिए कौन हैं नदीमुल हक
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Category: Politics
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सिद्धार्थ प्रताप सिंह, लखनऊ: तृणमूल कांग्रेस के मौजूदा राज्यसभा सांसद नदीमुल हक के खिलाफ चल रही ईडी की जांच की आंच अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक पहुंच गई। ईडी कोलकाता की एक टीम जांच के सिलसिले में लखनऊ में स्थित उनके आवास पर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम सोमवार को देर शाम नदीमुल हक के अलीगंज स्थित आवास पर पहुंची थी। हालांकि, उस समय उनके घर पर कोई मौजूद नहीं था। अधिकारियों द्वारा आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ करके टीम वापस लौट गई। तृणमूल सांसद नदीमुल हक क्या है मामला नदीमुल हक से जुड़े हुए एक उर्दू अखबार में प्रकाशित किए गए आपत्तिजनक और भड़काऊ तथ्यों के साथ-साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के मामले की जांच ईडी द्वारा की जा रही है। नदीमुल हक 'अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के निदेशक है, जो 'अखबार-ए-मशरिक' नाम के दैनिक उर्दू अखबार का प्रकाशन करती है। ईडी द्वारा अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े केस के चलते कोलकता, दिल्ली, लखनऊ, रांची सहित 7 ठिकानों पर छापेमारी की गई। अखबार-ए-मशरिक एक उर्दू दैनिक अखबार है। जिसके डायरेक्टर नदीमुल हक है। यह पूरी कार्रवाई बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है। कौन हैं नदीमुल हक मोहम्मद नदीमुल हक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद हैं। इनका जन्म 20 सितंबर 1969, कोलकाता में हुआ है। इनकी पढ़ाई सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता से पॉलिटिकल साइंस में B.A. ऑनर्स किया गया है। पेशे से पत्रकार, लेखक और बिजनेसमैन हैं। 2004 से वो अखबार-ए-मशरिक प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं, जो उर्दू दैनिक अखबार-ए-मशरिक 'निकालती है। ये अखबार कोलकाता के अलावा दिल्ली, रांची, लखनऊ, भोपाल, श्रीनगर से भी प्रकाशित होता है। पहली बार मई 2012 में राज्यसभा पहुंचे। अभी तीसरा कार्यकाल (2024-2030) चल रहा है। ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं और मुस्लिम चेहरे के तौर पर TMC में अहम हैं। रेल मंत्रालय की राजभाषा समिति, वेस्ट बंगाल उर्दू अकादमी के प्रमुख, प्रेस एक्रिडिटेशन कमेटी, वेस्ट बंगाल माइनॉरिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन समेत कई समितियों में रहे हैं।

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