सोनम प्रतिहस्त नई दिल्ली। वसंत कुंज निवासी 53 वर्षीय गुरमीत शारदा ने यूरोप और रूस की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस फतह कर भारतीय तिरंगा फहराया है। उन्होंने 21 अगस्त को 5,642 मीटर ऊंचे शिखर पर पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। गुरमीत पांच भारतीय महिला पर्वतारोहियों के दल की सबसे उम्रदराज सदस्य थीं।
पेशे से मनोवैज्ञानिक, शिक्षाविद और कलाकार गुरमीत की खेल यात्रा प्रेरणादायक रही है। उन्होंने 46 वर्ष की उम्र में दौड़ना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने कई दस किलोमीटर और लंबी दूरी की दौड़ों में हिस्सा लिया। गुरमीत ने 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग में स्वर्ण पदक भी हासिल किए। दौड़ से मिली शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता ने उन्हें पर्वतारोहण के लिए प्रेरित किया। 51 वर्ष की उम्र में उन्होंने नेपाल की 6,476 मीटर ऊंची माउंट मेरा पीक पर सफल आरोहण किया। इसके बाद 52 वर्ष की उम्र में भारत की 6,111 मीटर ऊंची माउंट यूनम को फतह किया। अब 53 वर्ष में माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर पहुंचकर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा है।
माउंट एल्ब्रुस अभियान 11 अगस्त को शुरू हुआ था। अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं और लगातार बदलते मौसम के कारण पर्वतारोहियों को कई दिनों तक अनुकूल मौसम का इंतजार करना पड़ा। 20 और 21 अगस्त को मौसम बेहतर होने पर दल ने शिखर अभियान शुरू किया। कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए गुरमीत ने 21 अगस्त को चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया।
गुरमीत का लक्ष्य दुनिया के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह कर सेवन समिट्स अभियान पूरा करना है। उनका कहना है कि सपनों को पूरा करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर मेहनत जरूरी है।
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