Palwal News: 52 पाल महापंचायत में कुरीतियों पर कसा शिकंजा

Palwal News: 52 पाल महापंचायत में कुरीतियों पर कसा शिकंजा
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Category: Politics
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नूंह। पलवल जिले के गांव मंडकोला में 6 सितंबर को आयोजित 52 पाल महापंचायत में सामाजिक कुरीतियों और विवाह समारोहों में बढ़ते फिजूलखर्च पर रोक लगाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पंचायत की अध्यक्षता 52 पाल के प्रधान चौधरी अरुण जैलदार ने की, जबकि डागर पाल की ओर से पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में उत्तर प्रदेश के मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, हरियाणा के मंत्री गौरव गौतम, पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल, विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, आफताब अहमद, मोहम्मद इस्राईल, अवतार भड़ाना, उदयभान, टेकचंद शर्मा, केहर सिंह रावत, नयनपाल रावत सहित विभिन्न पालों के प्रधान, 36 बिरादरियों के प्रतिनिधि और दोनों समुदायों के प्रमुख लोग शामिल हुए। हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से हजारों लोग पहुंचे। महापंचायत में सगाई से लेकर विवाह, भात, छूचक और तेरहवीं तक की रस्मों में खर्च और भेंट की सीमा तय की गई। सगाई में लड़के को एक रुपया, पांच कपड़े और एक किलो मिठाई तथा बच्चों को 1100 रुपये तक भेंट देने की अनुमति होगी। लड़की की गोदभराई में अधिकतम पांच लोग जा सकेंगे। बारात में अधिकतम 51 लोग शामिल होंगे और सामूहिक शाकाहारी भोजन कराया जाएगा। दिखावे और अनावश्यक खर्च पर रोक रहेगी। बरीपूरी में पांच जोड़ी कपड़े, करीब 12 मीटर कपड़ा, दो तोला सोना और 100 ग्राम चांदी के आभूषण दिए जा सकेंगे। कन्यादान में अधिकतम 11 हजार रुपये सगुन की अनुमति होगी। विदाई में निर्धारित सामान के अलावा अतिरिक्त नकदी, सामान या वाहन देने पर रोक रहेगी। मिलनी में भी राशि और कपड़ों की सीमा तय की गई है। पंचायत ने तेरहवीं में भारी भोजन के बजाय मौसमी अल्पाहार और चाय-पानी तक सीमित रखने का निर्णय लिया। शादी-विवाह व अन्य समारोहों में शराब पीने-पिलाने और डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सर्वसमाज के खान-पान की व्यवस्था एक ही स्थान पर करने का निर्णय लिया गया। मेवात के सामाजिक और राजनीतिक लोगों ने फैसलों की सराहना करते हुए कहा कि दहेज, आत्महत्या, तलाक, हुड़दंगबाजी, नशाखोरी, चोरी, साइबर अपराध और अन्य सामाजिक बुराइयों पर सामूहिक प्रयास से ही अंकुश लगाया जा सकता है। पंचायत के निर्णयों की पालना की लोगों ने शपथ भी ली। नियमों के उल्लंघन पर सामाजिक कार्यक्रमों से दूर रखने और आवश्यक कार्रवाई का निर्णय लिया गया। निर्णयों की समीक्षा के लिए ग्राम, पाल और सर्वपाल स्तर पर क्रमश: तीन माह, छह माह और एक वर्ष में बैठक होगी।

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