विभाग को फर्म के खिलाफ बिना बिल और कच्चे बिलों के माध्यम से माल की बिक्री कर कर अपवंचन किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। प्रारंभिक जांच में कारोबार और कर भुगतान में विसंगतियां मिलने के बाद टीम ने सर्च वारंट लेकर कार्रवाई की। एसआईबी टीम प्रमुख डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में करीब 20 सदस्यीय टीम ने बरेली और शाहजहांपुर पुलिस के सहयोग से दोनों परिसरों में एक साथ तलाशी ली।
टीम में एक उपायुक्त, दो सहायक आयुक्त और तीन राज्यकर अधिकारी शामिल रहे। तलाशी के दौरान फैक्टरी में सौ से अधिक कर्मचारी काम करते मिले। फर्म का घोषित प्रमुख कारोबार प्लाईवुड और संबंधित उत्पादों का निर्माण एवं बिक्री है। एसआईबी के अनुसार तलाशी के दौरान व्यापार स्थल और फैक्टरी परिसर में सब्जियों, दालों अथवा इस तरह की वस्तुओं के व्यापार से संबंधित कोई गतिविधि नहीं मिली।
डिप्टी कमिश्नर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि एसआईबी वास्तविक कारोबार, माल की प्रकृति, खरीद-बिक्री, स्टॉक और घोषित टर्नओवर के बीच संबंधों की जांच कर रही है। तलाशी के दौरान फर्म के परिसर से महत्वपूर्ण अभिलेख, लेखा-पुस्तकें, बिल-बुक, खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य सीज किए गए।
परिसर में उपलब्ध स्टॉक का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक कारोबार, घोषित बिक्री और संभावित कर अपवंचन की राशि का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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