कैमूर:
दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी से उनके दुधरा गांव के लोग नाराज चल रहे हैं। इसकी वजह है पुल का न होना। कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड अंतर्गत दुधरा गांव में आज भी ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती है, जो हर दिन नाव से नदी पार कर स्कूल जाते हैं।
500 मीटर की दूरी के लिए लगाना पड़ता है 15 किलोमीटर का चक्कर
ग्रामीणों के मुताबिक, दुधरा गांव से NH 19 की दूरी महज करीब 500 मीटर है, लेकिन पुल नहीं होने के कारण किसी आपात स्थिति में लोगों को करीब 15 किलोमीटर का चक्कर लगाकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है।
सांसद बनते ही अपना बचपन और अपने दिन भूल गए मनोज तिवारी: हरिओम सिंह
ग्रामीण हरिओम सिंह ने बताया कि दुधरा निवासी शिक्षक संकठा तिवारी, मनोज तिवारी को इसी गांव में रखकर पढ़ाते थे। अपने घर पर खाना खिलाते थे। आज दिल्ली के बीजेपी सांसद मनोज तिवारी है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण को लेकर कई बार आश्वासन मिला, लेकिन अब तक जमीन पर काम शुरू नहीं हो सका। उनके गुरु जो उनको शिक्षा दिया, वह भी आज नाराज हैं।
मनोज तिवारी
कैसे बदल गया, सांसद बनते ही अपना बचपन और अपने वो दिन को भूल गया, जब उसे पढ़ाने और रहने की व्यवस्था इसी गांव से मिली थी।
बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर नाव का परिचालन भी बंद हो जाता है। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है। वहीं, सड़क संपर्क नहीं होने से किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती है।
हरिओम सिंह, ग्रामीण
दुधरा नदी पर पुल बनने से चार प्रखंडों को मिलेगा लाभ
ग्रामीण पारसनाथ सिंह का कहना है कि अगर दुधरा नदी पर पुल बन जाता है तो भभुआ और मोहनिया क्षेत्र के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और कई गांवों सहित चार प्रखंडों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
2020 में हुई थी पुल निर्माण की अनुशंसा
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2020 में ग्रामीण कार्य विभाग के पत्र के माध्यम से पुल निर्माण की अनुशंसा भी की गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी पुल का निर्माण नहीं हो सका। अब ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से दुधरा नदी पर जल्द से जल्द पुल निर्माण कराने की मांग की है।
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