पारदेशीय अपराध से निपटने के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस सहयोग अहम

पारदेशीय अपराध से निपटने के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पुलिस सहयोग अहम
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Category: Politics
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Source: UN News: मंगलवार, 08 सितम्बर 2026 00:00 AM अपराधी नैटवर्क कमज़ोर संस्थाओं का फ़ायदा उठाते हुए सीमाओं के पार अपनी गतिविधियाँ बढ़ा रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि किसी भी पुलिस बल के लिए कई देशों में फैले इन आपराधिक नैटवर्क से अकेले निपटना सम्भव नहीं है. हर वर्ष 7 सितम्बर को संयुक्त राष्ट्र, अन्तरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग दिवस मनाता है. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय क़ानून प्रवर्तन एजेंसियों को मज़बूत बनाने में अन्तरराष्ट्रीय सहयोग की अहमियत को रेखांकित करना है.संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थ एवं अपराध निरोधक कार्यालय (UNODC) के अनुसार, संगठित अपराध के कारण हर साल लगभग 95 हज़ार हत्याएँ होती हैं. दुनिया भर में जानबूझकर की जाने वाली हर पाँच में से लगभग एक हत्या संगठित आपराधिक समूहों से जुड़ी होती है.यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, 'सीमाओं के पार मिलकर काम करने से क़ानून प्रवर्तन एजेंसियाँ पीड़ितों की बेहतर मदद कर सकती हैं, अपराधियों को पकड़ सकती हैं, आपराधिक नैटवर्क को तोड़ सकती हैं और सभी के लिए सुरक्षा बढ़ा सकती हैं.'छह दशकों से भी अधिक समय से यूएन पुलिस, संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षा और विशेष राजनैतिक मिशनों के साथ उन स्थानों पर काम कर रही है, जहाँ हिंसक टकरावों के कारण क़ानून का शासन कमज़ोर हुआ है और न्यायिक संस्थाओं पर लोगों का भरोसा घटा है.दुनिया भर में 14 शान्ति अभियानों के लिए 7,700 से अधिक यूएन पुलिसकर्मियों की तैनाती अधिकृत है. वे आम लोगों व मानवाधिकारों की रक्षा करते हैं, राष्ट्रीय पुलिस सेवाओं को मज़बूत बनाते हैं और देशों को युद्ध से शान्ति की ओर बढ़ने में मदद करते हैं.अन्तरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के क्या मायने हैं?साइबर अपराध, आतंकवाद, धोखाधड़ी और मानव तस्करी जैसे कई अपराध अब देशों की सीमाओं के पार फैल चुके हैं.आमतौर पर पुलिस बल अपने देश की सीमाओं के भीतर काम करते हैं, लेकिन अपराधी नैटवर्क कई देशों में सक्रिय हो सकते हैं. अन्तरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के ज़रिये क़ानून प्रवर्तन एजेंसियाँ जानकारी साझा करती हैं, जाँच में तालमेल बिठाती हैं और मिलकर पारदेशीय अपराधों से निपटती हैं.इस सहयोग के प्रमुख मंचों में अन्तरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (INTERPOL) शामिल है. यह 196 देशों के पुलिस बलों को अपराधों और अपराधियों से जुड़ी जानकारी साझा करने में मदद करता है. हालाँकि अपराधों की जाँच और घरेलू क़ानून लागू करने की ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय पुलिस की ही रहती है.INTERPOL के अलावा, संयुक्त राष्ट्र भी सीमा-पार अपराधों से निपटने की क्षमता मज़बूत करने के लिए क्षेत्रीय पुलिस संगठनों और राष्ट्रीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करता है.यूएन पुलिस कोई वैश्विक पुलिस बल नहीं है. वह आमतौर पर गिरफ़्तारी नहीं करती और न ही राष्ट्रीय पुलिस की जगह लेती है. इसके बजाय, यूएन पुलिसकर्मी आम लोगों की सुरक्षा करते हैं, राष्ट्रीय पुलिस को सलाह और प्रशिक्षण देते हैं तथा क़ानून प्रवर्तन संस्थाओं को मज़बूत बनाने में मदद करते हैं.शान्ति अभियानों के लिये संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव ज्याँ-पियरे लैक्रोआ ने कहा, 'यूएन पुलिस, सदस्य देशों को पुलिस संस्थाओं को मज़बूत बनाने में अहम मदद देती है, जिससे वे प्रभावी और जवाबदेह हों तथा सभी समुदायों की ज़रूरतों के प्रति संवेदनशील हों.'वहीं UNODC, संगठित अपराध, तस्करी, भ्रष्टाचार और अन्य सीमा-पार अपराधों को रोकने और दोषियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने में देशों को तकनीकी सहायता देता है.पुलिसिंग पर यूएन का अन्तर-एजेंसी कार्यबल, संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न संस्थाओं के बीच पुलिस से जुड़े काम में तालमेल बिठाने में मदद करता है. इससे एक साझा दृष्टिकोण अपनाने और काम के दोहराव से बचने में मदद मिलती है.मिसाल के तौर पर, INTERPOL के ज़रिये कोटे डी आइवर और स्विट्ज़रलैंड की पुलिस के बीच सहयोग से एक फ़िशिंग गिरोह का भंडाफोड़ किया गया. इस गिरोह ने स्विट्ज़रलैंड में लोगों से 14 लाख डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी की थी.विश्वास और वैधता को मज़बूतीहिंसक टकराव, विस्थापन और अन्य संकटों के कारण आपराधिक नैटवर्क को कमज़ोर और असुरक्षित लोगों का फ़ायदा उठाने के नए अवसर मिल रहे हैं. ऐसे में अन्तरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग की अहमियत और बढ़ गई है.यूएन अधिकारियों का कहना है कि प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए लोगों का भरोसा भी बेहद ज़रूरी है.इस वर्ष अन्तरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग दिवस की थीम है, 'असुरक्षा से संरक्षण - पुलिस व्यवस्था में विश्वास और वैधता को मज़बूत करना'. इसका उद्देश्य पुलिस के काम में भरोसे और वैधता को केन्द्र में रखने पर ज़ोर देना है.ज्याँ-पियरे लैक्रोआ ने कहा, 'दुनिया के कई हिस्सों में सार्वजनिक संस्थाओं पर भरोसा कम हो रहा है. ऐसे में पुलिस संस्थाओं की दोहरी ज़िम्मेदारी है: समुदायों की रक्षा करना और अपनी शक्तियों का इस्तेमाल निष्पक्ष, जवाबदेह एवं पारदर्शी ढंग से करना.'हाशिए पर रहने वाले लोग अक्सर अराजकता और शोषण का सबसे अधिक असर झेलते हैं. उदाहरण के लिए, मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में यूएन पुलिस ने राष्ट्रीय पुलिस के साथ मिलकर मानव तस्करी और अन्य पारदेशीय संगठित अपराधों की जाँच की क्षमता मज़बूत करने में मदद की है.एक मामले में कैमरून की यूएन पुलिस अधिकारी ग्लैडिस नकेह ने एक बलात्कार की शिकार 13 वर्षीय लड़की को चिकित्सा सहायता दिलाने में मदद की. उन्होंने आरोपी को गिरफ़्तार कराने में भी अधिकारियों की सहायता की. बाद में उस लड़की ने अपनी बेटी का नाम अधिकारी के सम्मान में ग्लैडिस रखा.यूएन अधिकारियों का मानना है कि प्रभावी पुलिस सहयोग के लिए उन समुदायों का भरोसा जीतना बेहद ज़रूरी है, जिनकी सेवा के लिए पुलिस तैनात की जाती है. यह ख़ासतौर पर उन लोगों के लिए अहम है, जो अपराध और दुर्व्यवहार के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं.आतंकवाद-रोधी मामलों के कार्यवाहक अवर महासचिव अलेक्ज़ांद्र ज़ुएव ने कहा कि पेशेवर, जवाबदेह और भरोसेमन्द पुलिस संस्थाएँ समुदायों का विश्वास जीतने की बेहतर स्थिति में होती हैं. इससे लोग जाँच में सहयोग करने के लिए अधिक तैयार होते हैं और गम्भीर अपराधों से निपटने में मदद मिलती है.उन्होंने कहा, 'महिलाओं, पुरुषों, लड़कियों और लड़कों के अलग-अलग अनुभवों और सुरक्षा सम्बन्धी चिन्ताओं को समझकर क़ानून प्रवर्तन एजेंसियाँ समाज के सभी लोगों की बेहतर सेवा कर सकती हैं.'

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