ब्रिटिश नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

ब्रिटिश नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
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Category: Politics
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Fake call center defrauding British citizens busted कानपुर , (भाषा) उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के जाजमऊ थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्रिटेन के नागरिकों के साथ ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 11 कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि खुफिया सूचना पर साइबर अपराध , स्वाट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार शाम छापा मारा। उन्होंने बताया कि मौके पर 7 पुरुष और 4 महिलाएं काम करती मिलीं। लाल के मुताबिक , कॉल सेंटर केडीए कॉलोनी स्थित 3 मंजिला इमारत ' जमजम टावर ' के 2 कमरों में संचालित किया जा रहा था , जिसका किराया 18 हजार रुपये प्रति माह बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार , जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को कर्ज समाधान एजेंट बताकर ब्रिटेन में कर्ज में फंसे लोगों को फोन करते थे और ' इंडिविजुअल वॉलंटरी अरेंजमेंट ' ( आईवीए) के जरिये कर्ज का बड़ा हिस्सा माफ कराने का झांसा देते थे। पुलिस ने बताया कि जब कोई पीड़ित जाल में फंस जाता था , तो उसका मामला लखनऊ के गोमती नगर में ' इटर्निटी इंफोटेक ' नाम से कॉल सेंटर चलाने वाले युवराज को स्थानांतरित कर दिया जाता था। पुलिस आयुक्त के मुताबिक , प्रथम दृष्टया यह कॉल सेंटर लखनऊ पुलिस की ओर से पहले पकड़े गए कॉल सेंटर से जुड़ा प्रतीत होता है और इस संबंध में जानकारी लखनऊ पुलिस और खुफिया एजेंसियों से साझा की गई है। उन्होंने बताया कि जाजमऊ कॉल सेंटर का संचालक अब्दुल वाहिद है , जो स्नातक है और पहले निफ्टेल और जेडए कनेक्ट में काम कर चुका है। पुलिस के अनुसार , युवराज ने अब्दुल को 40 हजार रुपये प्रति महीने के वेतन पर रखा था। उसने बताया कि अन्य आरोपियों की पहचान हसन , सत्यम , आमिर , ताबिश , फारूक और राहुल के रूप में हुई है , जबकि 4 महिलाओं की पहचान उजागर नहीं की गई है। end-of

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