न्यूरो सर्जरी विभाग में हुई पहली मस्तिष्क सर्जरी

न्यूरो सर्जरी विभाग में हुई पहली मस्तिष्क सर्जरी
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Category: Health
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डीएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पहली न्यूरो सर्जरी हुई। लक्ष्मण शर्मा की सर्जरी के बाद उसे आईसीयू में रखा गया। यह सर्जरी उत्तर बिहार के मरीजों के लिए एक बड़ी सुविधा है। अस्पताल में न्यूरोलाजी विभाग की शुरूआत से मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। संजय लाला,दरभंगा। डीएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग की ओटी में सोमवार को पहली न्यूरो सर्जरी हुई। सिर पर गंभीर चोट से पीड़ित घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के पुनहद नवटोल निवासी लक्ष्मण शर्मा के मस्तिष्क की टूटी हड्डी की साढ़े तीन घंटे की सर्जरी के बाद डॉक्टरों की टीम ने उसे दुरुस्त कर दिया। सफल सर्जरी होने के बाद मरीज को डॉक्टरों की निगरानी वहां के 20 बेड के आधुनिक आईसीयू में स्वास्थ्य लाभ के लिए रखा गया। पहली बार हुई मस्तिष्क सर्जरी डीएमसीएच में आधुनिक इलाज की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। इससे पूर्व प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय और डीएम कौशल कुमार ने संयुक्त रूप से न्यूरो सर्जरी ओटी और आईसीयू का फीता काटकर उसे मरीजों के इलाज के लिए सुपुर्द किया। सर्जरी की प्रक्रिया बताया जाता है कि गत एक सितंबर को गांव में ही बाइक के बिजली खंभे से टकराने के कारण लक्ष्मण शर्मा के सिर पर गंभीर चोट आयी थी। उनके सिर कि हड्डी फ्रैक्चर हो गयी थी। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद मस्तिष्क की सर्जरी पूरी हुई। न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. भुवनजी झा एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. हरि दामोदर सिंह के नेतृत्व में डॉ. मो. वहाब, डॉ. भुवन कुमार, डॉ. रविन्द्र झा, डॉ. मनोज और डॉ. मो. तारिख की टीम ने गहन सर्जरी कर मरीज को नया जीवन दिया। यूज़र की राय डीएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में न्यूरोलाजी विभाग में सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो जाने से उत्तर बिहार के मरीजों को बड़ी सुविधा मिल गयी है। पूर्व में सर्जरी के लिए लोगों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। निजी अस्पतालों में सर्जरी के लिए उन्हें लाखों की राशि खर्च करनी पडती थी। मस्तिष्क सर्जरी के पहले मरीज लक्ष्मण शर्मा के पुत्र अमरजीत कुमार ने बताया कि डीएमसीएच में सर्जरी होने से वे लाखों के खर्च व परेशानी से बच सके। महत्वपूर्ण बातें बता दें कि डीएमसीएच में हेड इंजूरी के दर्जनों मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में न्यूरो सर्जरी की व्यवस्था नहीं रहने से उन्हें इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता था। इससे परिजनों को इलाज में काफी राशि खर्च करनी पडती थी। बता दें कि सुपर स्पेशलयलिटी अस्पताल के न्यूरो ओटी और आईसीयू को चालू करने में अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्रा और उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा की मेहनत रंग लायी। कमियों को दूर करने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की।

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