Lakhisarai News: बड़हिया प्रखंड के डुमरी पंचायत अंतर्गत प्रतापपुर गांव निवासी डॉ गोपाल कुमार का गांव पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्हें बच्चों को प्रेरित करने कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य स्पष्ट रखने और मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। ग्रामीणों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
Lakhisarai News: बड़हिया, निज प्रतिनिधि। अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन संस्थान (आईडब्ल्यूएमआई) में भारत एवं बांग्लादेश के कंट्री रिप्रेजेंटेटिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे बड़हिया प्रखंड के डुमरी पंचायत अंतर्गत प्रतापपुर गांव निवासी डॉ गोपाल कुमार के अपने गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। ढोल गाजे-बाजे की गूंज और फूल-मालाओं के बीच ग्रामीण शिक्षा प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रबुद्ध लोगों ने उनका अभिनंदन किया। गांव पहुंचे डॉ कुमार के स्वागत को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया।
स्वागत समारोह
दरअसल गोपाल कुमार डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में आयोजित दीक्षारंभ समारोह में शामिल होने बिहार पहुंचे थे। विश्वविद्यालय द्वारा नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस समारोह में उन्हें प्रेरणादायी व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया था। जानकारी अनुसार उन्होंने कार्यक्रम में करीब दो घंटे तक लगभग 350 छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए देशभक्ति, अनुशासन, नैतिक मूल्यों, समाज के प्रति जवाबदेही तथा माता-पिता के प्रति दायित्व जैसे विषयों पर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के क्रम में डॉ गोपाल कुमार अपने गांव प्रतापपुर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनके आगमन को गौरव का अवसर बताते हुए उनका भव्य स्वागत किया।
युवाओं की प्रेरणा
इस दौरान गांव के लोगों से मिले स्नेह और आत्मीयता से अभिभूत डॉ कुमार ने कहा कि प्रतापपुर और अपने गांव के लोगों से उनका जुड़ाव हमेशा से रहा है और यह रिश्ता आगे भी कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि गांव ने उन्हें जो प्रेम, शिक्षा, संस्कार और अपनापन दिया है, वह उनके जीवन की महत्वपूर्ण पूंजी है। ग्रामीणों से संवाद के दौरान डॉ गोपाल कुमार ने क्षेत्र के युवाओं से भी बातचीत की और उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखने, निरंतर सीखते रहने तथा अनुशासन के साथ मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
गांव की अपेक्षाएँ
उन्होंने युवाओं से कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर जारी रहे तो ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रतापपुर जैसे छोटे से गांव से निकलकर डॉ गोपाल कुमार ने कृषि अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आईडब्ल्यूएमआई में भारत और बांग्लादेश की जिम्मेदारी मिलना न केवल उनके लिए, बल्कि बड़हिया और लखीसराय क्षेत्र के लिए भी गर्व का विषय है। ग्रामीणों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी विशेषज्ञता और अनुभव से जल प्रबंधन, टिकाऊ कृषि एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
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