अजमेर। नगर निगम चुनाव का रण अब पूरी तरह सज चुका है। प्रचार के शोर, गली-मोहल्लों की चुनावी चौपालों और प्रत्याशियों के जनसंपर्क के बीच अजमेर के 80 वार्डों में जीत-हार के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। भाजपा और कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ आमने-सामने की लड़ाई नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में मैदान में डटे निर्दलीय और बागी प्रत्याशी भी हैं।
नाम वापसी के बाद सामने आई तस्वीर के मुताबिक अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कुल 340 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 79, कांग्रेस के 77 और 184 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने 10 वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं। ऐसे में कई वार्डों में मुकाबला दो ध्रुवीय रहने के बजाय त्रिकोणीय अथवा बहुकोणीय होता नजर आ रहा है।
184 निर्दलीय प्रत्याशी बने बड़ा फैक्टर
इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या भाजपा और कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशियों की संख्या के मुकाबले भी उल्लेखनीय है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 184 निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा के करीब 19 और कांग्रेस के करीब 47 बागी भी निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। यही कारण है कि कई वार्डों में पार्टी के परंपरागत वोटों में सेंधमारी की आशंका ने दोनों प्रमुख दलों की चिंता बढ़ा दी है।
भाजपा ने शुरुआत में सभी 80 वार्डों में प्रत्याशी उतारे थे, जबकि कांग्रेस ने 78 वार्डों में उम्मीदवार घोषित किए थे। बाद की चुनावी प्रक्रिया में नामांकन खारिज होने और अन्य बदलावों के बाद अंतिम तस्वीर में भाजपा के 79 और कांग्रेस के 77 प्रत्याशी मैदान में रह गए।
RLP ने 10 वार्डों में खोला मोर्चा
हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने भी इस बार अजमेर नगर निगम चुनाव में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। पार्टी के 10 प्रत्याशी 80 में से 10 वार्डों में चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें वार्ड 8, 9, 11, 19, 26, 36, 51, 57, 77 और 80 शामिल हैं।
RLP की मौजूदगी खासकर उन वार्डों में अहम मानी जा रही है, जहां भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला पहले से करीबी है। ऐसे में RLP को मिलने वाला वोट किसी एक प्रमुख दल के प्रत्याशी के जीत-हार के अंतर को प्रभावित कर सकता है।
वार्ड 26 पर भी टिकी नजर
इसी चुनावी तस्वीर में करीब 7 हजार मतदाताओं वाले वार्ड 26 का मुकाबला भी चर्चा में है। यहां RLP के प्रत्याशी के रूप में विनोद कुमार मैदान में हैं। आधिकारिक चुनावी सूची आधारित उपलब्ध आंकड़ों में वार्ड 26 को एससी श्रेणी का वार्ड बताया गया है।
विनोद सत्यवाना का दावा है कि वह लंबे समय से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के जरिए क्षेत्र के लोगों से जुड़े हुए हैं। दैनिक और पाक्षिक समाचार पत्र के संपादन के साथ डिजिटल मीडिया में भी उनकी सक्रियता रही है। वे अपने जनसंपर्क और स्थानीय पहचान को चुनावी ताकत के रूप में पेश कर रहे हैं।
बेनीवाल के दौरे से समीकरण बदलने का दावा
RLP प्रत्याशी विनोद सत्यवाना का कहना है कि पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल के अजमेर आने और प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने की योजना है। उनका दावा है कि बेनीवाल की सभा और प्रत्यक्ष प्रचार से पार्टी के 10 में से करीब 8 प्रत्याशियों के लिए मुकाबला मजबूत हो सकता है।
हालांकि यह दावा फिलहाल राजनीतिक आकलन है और चुनाव परिणाम कई स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेंगे। RLP के लिए चुनौती यह भी है कि वह सीमित संख्या में वार्डों में ही चुनाव लड़ रही है। इसलिए पार्टी का वास्तविक प्रभाव उन 10 वार्डों तक ही ज्यादा दिखाई देगा, जहां उसके प्रत्याशी सीधे मुकाबले में हैं।
घर-घर संपर्क पर रहेगा जोर
प्रचार का शोर थमने के बाद प्रत्याशियों के लिए सबसे अहम दौर घर-घर संपर्क का होगा। बड़े-बड़े राजनीतिक दावों के बजाय अंतिम चरण में व्यक्तिगत संपर्क, स्थानीय मुद्दे, जातीय और सामाजिक समीकरण तथा बागी उम्मीदवारों की पकड़ निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
अजमेर के 80 वार्डों में 340 प्रत्याशियों का मैदान, 184 निर्दलीयों की मौजूदगी, भाजपा-कांग्रेस के बागियों की सक्रियता और RLP के 10 उम्मीदवारों ने चुनावी मुकाबले को खासा पेचीदा बना दिया है। ऐसे में इस बार सिर्फ पार्टी के चुनाव चिन्ह पर नहीं, बल्कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ और वार्ड स्तर के समीकरण पर भी जीत-हार का बड़ा दारोमदार रहने की संभावना है।
अजमेर नगर निगम के चुनाव में मतदान 11 सितंबर 2026 को और मतगणना 14 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है।
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