Patna पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को एक ही दिन में तीन अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। निगरानी की मुख्यालय टीम ने जहानाबाद में मनरेगा के कनीय अभियंता, शेखपुरा में जिला परिवहन कार्यालय के निम्नवर्गीय लिपिक और पटना में यातायात पुलिस के एक पुलिस अवर निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानीब्यूरो ने मंगलवार को एक ही दिन में तीन अलग-अलग कार्रवाई करते हुए तीन सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। निगरानी की मुख्यालय टीम ने जहानाबाद में मनरेगा के कनीय अभियंता, शेखपुरा में जिला परिवहन कार्यालय के निम्नवर्गीय लिपिक और पटना में यातायात पुलिस के एक पुलिस अवर निरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, पहली कार्रवाई जहानाबाद में हुई, जहां सदर प्रखंड में मनरेगा के कनीय अभियंता अमन कुमार को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया। निगरानी के मुताबिक, शिकायतकर्ता अशोक कुमार ने ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम पंचायत जामुक में मनरेगा के तहत 6 लाख 77 हजार 790 रुपए की लागत से तीन योजनाओं का काम पूरा कराया गया था।
इन योजनाओं की मापी पुस्तिका के सत्यापन के एवज में कनीय अभियंता द्वारा तीन प्रतिशत की दर से 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 105/26 दर्ज कर पुलिस उपाधीक्षक आसिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में धावादल गठित किया गया।
टीम ने अमन कुमार को जहानाबाद के अंबेडकर चौक के पास स्थित एक ढाबे से 20 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया। दूसरी कार्रवाई शेखपुरा जिला परिवहन कार्यालय में की गई। यहां निम्नवर्गीय लिपिक कुणाल कुमार को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता राजू प्रसाद ने आरोप लगाया था कि उनके कृषि ट्रैक्टर का बिहार नंबर प्राप्त करने के एवज में आरोपी द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी।
सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद पुलिस उपाधीक्षक राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में धावादल गठित किया गया और कुणाल कुमार को कार्यालय के वरीय लिपिक कक्ष से गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरी कार्रवाई पटना में हुई, जहां जेपी गंगा पथ स्थित यातायात थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक उपेंद्र साह को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा गया।
आरोप है कि कब्जे में रखे शिकायतकर्ता के वाहन को छोड़ने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी।
सत्यापन में आरोप सही मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक श्रीराम चौधरी के नेतृत्व में टीम ने यातायात थाना के सिरिस्ता कक्ष में कार्रवाई की। निगरानी ब्यूरो के अनुसार तीनों आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें संबंधित विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामलों में आगे की जांच जारी है।
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