Raebareli News: बारिश का भी नहीं असर, 22 सड़कों पर फर्राटा भर रहे लोग

Raebareli News: बारिश का भी नहीं असर, 22 सड़कों पर फर्राटा भर रहे लोग
View on original source
Category: Blend
Share
Archive
Like
जिले में 22 सड़कों को चिह्नित किया गया था। इनमें कोई सड़क 15 तो कोई 10 साल से खराब थी। वर्ष 2021 में इन सड़कों को बनाने की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को मिली थी। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सड़कों पर लोग अब भी सफर कर रहे हैं। क्या है एफडीआर तकनीक यह एक आधुनिक एवं क्रांतिकारी तकनीक है, जिसमें पुरानी और क्षतिग्रस्त सड़क की डामर परत तथा उसके नीचे की बेस सामग्री को एक निश्चित गहराई तक एक साथ पीसकर मिलाया जाता है। इस पिसे हुए मिश्रण में सीमेंट, पानी को मिलाकर एक मजबूत और टिकाऊ लेयर तैयार की जाती है। इसके ऊपर नई डामर की परत बिछाई जाती है। पारंपरिक तरीकों की तुलना में इसमें पुरानी सामग्री को हटाने और नई गिट्टी लाने की जरूरत नहीं होती, जिससे लागत और समय दोनों कम लगते हैं। इस तकनीक से बनी सड़कें अधिक मजबूत होती हैं और बरसात या भारी ट्रैफिक में भी जल्दी उखड़ती नहीं हैं। इसके साथ निर्माण सामग्री का ज्यादा परिवहन नहीं करना पड़ता है। इससे पर्यावरण भी कम दूषित होता है। बड़ी कंपनियों को मिलता मौका इस तकनीक से बनाई जाने वाली सड़कों के लिए बड़ी मशीनों की जरूरत है। यह मशीनें ज्यादातर ठेकेदारों के पास नहीं है। यही वजह है कि छोटे ठेकेदार इस तकनीक से बनने वाली सड़कों का काम लेने से कतराते हैं। बड़ी कंपनियों के पास हाईटेक मशीनें होने के कारण उन्हें ही इस तरह के काम करने का मौका मिलता है। पांच साल में होती है मरम्मत एफडीआर तकनीक से बनाई जानी वाली सड़कें जल्दी नहीं टूटती हैं। पांच साल बाद अनुरक्षण होने के बाद फिर कई सालों तक सड़कों पर आसानी से सफर किया जा सकता है। इस तकनीक से बनाई जाने वाली सड़कों में इस बात का ध्यान रखा जाता है कि बारिश का पानी सड़कों पर न रुकने पाए। - सुजीत कुमार राय, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग

(0)Comments

 

A note on cookies

Newshunt uses essential cookies to keep you signed in and to remember your language and country, so the site works the way you expect. With your permission, we'd also like to use analytics cookies to understand how people use Newshunt and improve it over time.

Accepting only affects analytics. To learn more, view our Privacy Policy or Terms & Conditions.