दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। जनपद में सोमवार की शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 62.970 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटे एक सेमी की रफ्तार से गंगा का पानी घट रहा था।
रेवतीपुर क्षेत्र के रामपुर, नगदीलपुर, वीरऊपुर, हसनपुरा आदि गांवों के लोग अभी दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। नगदीलपुर, वीरऊपुर, हसनपुरा जैसे गांवों की गलियों से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे नीचे सरक रहा है।
लेकिन, सिवान व खेतों में बाढ़ का पानी ठहरा हुआ है। इसके कारण सब्जी व चरी की फसल अभी भी जलमग्न है। इससे सबसे अधिक दिक्कत पशु पालकों को हो रही है। सिवान में प्लास्टिक व झोपड़ी में रहने वाले लोग अभी भी बाढ़ शरणालय में शरण लिए हुए हैं।
सैदपुर तहसील क्षेत्र के फुलवारी, पटना, रामपुर मांझा, चकेरी, फुलवारी कला, फुलवारी खुर्द, हथौड़ा, खरौना के खेतों में बाढ़ के पानी से लौकी, बैंगन, परवल, भिंडी, नेनुआ, करेला की फसल को नुकसान पहुंचा है।
इसी तरह गोमती नदी से प्रभावित गौरी, तेतारपुर आदि जगहों पर दुश्वारियों के बीच जनजीवन पटरी पर लौटता नजर आ रहा है। भांवरकोल क्षेत्र में गंगा के बाढ़ से उफनाए भांगड़ नाले का पानी अब धीरे-धीरे कम हो रहा है।
राहत सामग्री का वितरण : करंडा में दीनापुर उच्च प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए बाढ़ शरणालय केंद्र पर राहत सामग्री किट का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह ने रफीपुर, शेरपुर, नूरपुर और बड़हरिया गांव के 330 लोगों को राहत सामग्री किट वितरित किया।
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