Auraiya News: मौसमी बीमारियों संग आंखों में संक्रमण बढ़ा, मेडिकल कॉलेज पहुंचे तीन हजार मरीज

Auraiya News: मौसमी बीमारियों संग आंखों में संक्रमण बढ़ा, मेडिकल कॉलेज पहुंचे तीन हजार मरीज
View on original source
Category: Health
Share
Archive
Like
नेत्र सर्जन डॉ. जय किशन ने सभी मरीजों का परीक्षण कर उन्हें प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाएं दीं। डॉक्टर के मुताबिक बरसात के दिनों में हवा में नमी, गंदे पानी के संपर्क में आने और आंखों में सूखापन (ड्राई आइज) के कारण खुजली, जलन और संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज आंखों की शिकायत लेकर आ रहे हैं। डॉक्टर ने सभी को बारिश के गंदे पानी से बचने और आंखों की स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है। इसी तरह चिचौली मेडिकल कॉलेज में रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष तक दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान महिला और जनरल ओपीडी मिलाकर कुल करीब तीन हजार मरीजों से ज्यादा ने पंजीकरण कराया। अस्पताल पहुंचे अधिकांश मरीज कई किमी दूर से सफर तय करके आए थे। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद लोग सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी मेडिकल कॉलेज आने से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था और ओपीडी पर भारी दबाव बन रहा है। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि ओपीडी में तीन हजार मरीजों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि पहले अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कराएं, ताकि मेडिकल कॉलेज में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मदीप ने बताया कि इस मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है। उन्हें मौसम के अनुकूल कपड़े पहनाएं और अस्वस्थ होने पर तत्काल योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। ओपीडी के बाहर कतार में खड़े मरीज। संवाद

(0)Comments

 

A note on cookies

Newshunt uses essential cookies to keep you signed in and to remember your language and country, so the site works the way you expect. With your permission, we'd also like to use analytics cookies to understand how people use Newshunt and improve it over time.

Accepting only affects analytics. To learn more, view our Privacy Policy or Terms & Conditions.