संवाद न्यूज एजेंसी फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय संबंधी गलत जानकारी, राशन कार्ड और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें पहुंची। शिविर की अध्यक्षता एसडीएम डॉ. हनी बंसल ने की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। एसडीएम डॉ. हनी बंसल ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का मौके पर संज्ञान लेकर उनका जल्द समाधान कराना है।
दो बार समाधान शिविर आने के बाद भी सिर्फ आश्वासन
एनआईटी-3 निवासी कैलाश ने बताया कि उनके परिवार पहचान पत्र में वास्तविक आय से अधिक आय दर्ज है, जिसकी वजह से उनका राशन कार्ड कट गया है। वह अकेले कमाने वाले हैं। वहीं, आयुष्मान और चिरायु योजना का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। दो बार पहले भी समाधान शिविर आ चुके हैं। इस बार भी केवल आश्वासन ही मिला।
गृहिणी होने के बावजूद फैमिली आईडी में चढ़ी आय
सेक्टर-22 निवासी सुनीता ने बताया कि वह गृहिणी है फिर भी परिवार पहचान पत्र में उनकी आय दर्ज है। आय दर्ज होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए शुरू की गई लाडो लक्ष्मी योजना से वह बाहर हो गई हैं। गृहिणी होने के बावजूद आय दर्ज होने से उनका फॉर्म रिजेक्ट हो रहा है, जिससे उन्हें सालाना 25200 रुपये की आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। इस समस्या को लेकर वह पहली बार समाधान शिविर में आई।
नाम की गलती से मुफ्त इलाज बंद
डबुआ कॉलोनी निवासी पूजा ने बताया कि उनके पिता का नाम परिवार पहचान पत्र में और आयुष्मान कार्ड में गलत दर्ज हो गया है। कार्ड में नाम सही नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने में परेशानी आ रही है। इससे पहले भी वह तीन बार आ चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
परिवार पहचान पत्र में गलत आय दर्ज होने से दृष्टिहीन की पेंशन बंद
सेक्टर 12 निवासी, देवेंद्र आहूजा ने बताया कि वह 100 प्रतिशत दृष्टिबाधित है और करीब एक साल से उनकी पेंशन बंद है। परिवार पहचान पत्र में गलत आय दर्ज होने के कारण पेंशन बंद हुई है। उन्होंने बताया कि वह कोई काम नहीं करते और उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह नहीं है। वह कई बार समाधान शिविर में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हर बार समस्या के समाधान का आश्वासन मिला। उनका कहना है कि एक साल से दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद पेंशन शुरू नहीं हुई।
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