माई सिटी रिपोर्टर नोएडा। देश में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन नोएडा के निर्यातकों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर बन सकता है। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और रूस समेत करीब 17 देशों के प्रतिनिधियों के दिल्ली-एनसीआर आने से स्थानीय उद्यमियों को राजदूतों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ संवाद का मौका मिलने की उम्मीद है। शहर से सालाना करीब 97 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है, ऐसे में उद्यमी संगठनों को कारोबार बढ़ने की संभावना नजर आ रही है।
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में प्रस्तावित है। लघु उद्योग भारती के महासचिव संजय बत्रा के मुताबिक, पिछले सम्मेलन में एमएसएमई को मजबूत करने, डिजिटल प्लेटफॉर्म से कारोबार सुगम बनाने और वैश्विक व्यापार व्यवस्था को अधिक लचीला बनाने पर जोर दिया गया था। इस बार इनवॉयस डिस्काउंटिंग मैकेनिज्म और एमएसएमई के लिए ऐसे क्रेडिट आकलन ढांचे पर भी काम की उम्मीद है, जिसमें संपत्ति व गारंटी के साथ कारोबार के कैश फ्लो को ऋण का आधार बनाया जाए। इससे छोटे निर्यातकों के लिए कार्यशील पूंजी जुटाना आसान हो सकता है। ब्रिक्स से जुड़े देशों में इन उत्पादों का निर्यात बढ़ने की उम्मीद
नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, परिधान, आईटी और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों से जुड़ी 30 हजार से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। स्थानीय उद्यमियों के मुताबिक, ब्रिक्स देशों में बाजार पहुंच सुगम होने से इलेक्ट्रॉनिक्स-इलेक्ट्रिकल सामान, इंजीनियरिंग उत्पाद, गारमेंट, मशीनरी, केमिकल और आईटी सेवाओं के लिए नए खरीदार मिल सकते हैं।
आपूर्ति शृंखला होगी और भी आसान एनईए अध्यक्ष विपिन कुमार मल्हन ने बताया कि निर्यातकों को भुगतान सुरक्षा, शिपमेंट में देरी से माल फंसने की आशंका और अलग-अलग कर व्यवस्थाओं जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सम्मेलन के दौरान इन मुद्दों पर देशों के बीच बेहतर समन्वय और आयात-निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में सहमति बनने की उम्मीद है। उद्यमी बोले ब्रिक्स सम्मेलन एक बड़ा अवसर है। एक साथ कई नए देशों के बाजार में सीधे उत्पाद बेचने की राह खुल सकती है।- डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, सचिव, एनईए सबसे जरूरी है कि आयात-निर्यात की प्रक्रिया और आसान हो और माल की सुरक्षा की गारंटी मिले।-अमित सिंघल, अध्यक्ष, लघु उद्योग भारती नोएडा इकाई ऐसे सम्मेलन के बाद कई देशों के राजदूतों के साथ बैठक होती है। वहां से उनके देशों के बाजार में सीधे प्रवेश का मौका मिल सकता है।- विमला बाथम, उद्यमी
रूस और ब्राजील हमारे पुराने साझेदार हैं, लेकिन उनके साथ आने वाले अन्य देशों के साथ निर्यात बढ़ने की उम्मीद है।- नीतू सिंह, उद्यमी
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