गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित सड़क परियोजना की मंजूरी की पैरवी की।
सीएम से श्याम प्रकाश का शिकवा: स्वीकृति से हर बार छूट जाता इटौली-गोपामऊ-पिसावां मार्ग |
बृजेश कबीर, हरदोई: गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर क्षेत्र की लंबे समय से लंबित सड़क परियोजना की मंजूरी की पैरवी की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद विधायक की हालिया राजनीतिक सक्रियता चर्चा में है। चार दिन पहले ही उन्होंने जिला भाजपा की नई जिला टीम, पूर्व जिलाध्यक्षों और अपने विधानसभा क्षेत्र के मंडलों की टीम संग आवास विकास कॉलोनी स्थित कोठी पर ज्यौनार किया था। घटनाक्रम को आसन्न विधानसभा चुनाव से पहले उनकी फील्डिंग से जोड़कर देखा जा रहा है।
विधायक श्याम प्रकाश के मुताबिक, मुख्यमंत्री से मुलाकात का मुख्य मुद्दा इटौली-गोपामऊ-पिसावां मार्ग के पांच किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री से परियोजना को स्वीकृति दिलाने के लिए हस्तक्षेप का अनुरोध किया। मुलाकात के दौरान पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह गुड्डू और जिला मंत्री सत्यम शुक्ला भी उनके साथ रहे।
शासन को पहले ही जा चुका प्रस्ताव
सड़क परियोजना के बारे में लोक निर्माण विभाग का प्रस्ताव विधायक के दावे को दस्तावेजी आधार देता है। मुख्य अभियंता (मुख्यालय-1) द्वारा 20 फरवरी को प्रमुख सचिव (लोक निर्माण अनुभाग-II) को भेजे पत्र के अनुसार इटौली-गोपामऊ-पिसावां मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव है। परियोजना की अनुमानित लागत 1843.30 लाख रुपये है। इसमें 1720.64 लाख सिविल कार्य, 75.87 लाख विद्युत विभाग की यूटिलिटी शिफ्टिंग, 41.78 लाख अनुरक्षण और 5.01 लाख थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट के लिए प्रस्तावित हैं। साफ है, मामला विधायक की मांग तक सीमित नहीं है। विभागीय आगणन शासन को जा चुका है। विधायक का कहना है, यह लंबे समय से स्वीकृति की प्रक्रिया में हर बार छूटती रही है, इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने इसे प्रमुखता से रखा।
योगी बोले- 'आपने बुलाया ही नहीं', श्याम प्रकाश ने झट से दिया अगले माह का न्यौता
मुलाकात के दौरान सड़क के अलावा हुई बातचीत का जिक्र करते हुए श्याम प्रकाश ने बताया, उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वह अब तक उनके निर्वाचन क्षेत्र में नहीं आए हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब दिया, आपने बुलाया ही नहीं। विधायक के अनुसार, इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को 24 अक्तूबर को मदारी पासी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने इस पर विचार करने की बात कही।
परिमार्जित टीम बब्बन के ज्यौनार से सीएम से भेंट देखी जा रही '27 की फील्डिंग'
मुख्यमंत्री से मुलाकात से चार दिन पहले, दो सितंबर को श्याम प्रकाश ने आवास पर भाजपा की नई जिला टीम, पूर्व जिलाध्यक्षों और गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र के मंडल पदाधिकारियों के लिए ज्यौनार आयोजित किया था। इसे उन्होंने 'परिमार्जित टीम बब्बन' के साथ जुटान के रूप में रखा। इसके बाद मुख्यमंत्री से मुलाकात पर राजनीतिक हलकों में दोनों घटनाओं को एक ही क्रम का हिस्सा मानकर चर्चा हो रही है। हालांकि, विधायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात को क्षेत्र की सड़क परियोजना की पैरवी तक सीमित बताया है और चुनावी तैयारी को लेकर कोई दावा नहीं किया है। इसके बावजूद 2027 के चुनाव से पहले संगठन के पुराने चेहरों और मौजूदा जिला टीम के साथ सक्रियता तथा मुख्यमंत्री से सीधे संवाद ने गोपामऊ की सियासत में चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।
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