जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर के SKICC में आयोजित International Film Festival of Jammu & Kashmir (IFFJK) 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म फेस्टिवल जम्मू-कश्मीर और सिनेमा के लंबे रिश्ते...
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर के SKICC में आयोजित International Film Festival of Jammu & Kashmir (IFFJK) 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह फिल्म फेस्टिवल जम्मू-कश्मीर और सिनेमा के लंबे रिश्ते में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
मुख्यमंत्री ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे फिल्मकारों, कलाकारों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सिर्फ फिल्मों की शूटिंग के लिए एक लोकेशन नहीं, बल्कि 'क्रिएटिव सेंक्चुरी' और दुनिया के कहानीकारों का घर है। उन्होंने कहा कि 40 से अधिक देशों के फिल्मकारों की भागीदारी और 130 से ज्यादा फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ यह आयोजन केवल एक फिल्म समारोह नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर और सिल्वर स्क्रीन के बीच पुराने रिश्ते को नई दिशा देने की शुरुआत है।
'कश्मीर में सिर्फ पहाड़ नहीं, कहानियां भी तलाशें'उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर की खूबसूरती हमेशा से फिल्मकारों को आकर्षित करती रही है। उन्होंने 'कश्मीर की कली', 'बॉबी', 'कभी-कभी' और 'जब तक है जान' जैसी फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर में कश्मीर की वादियां फिल्मों की पहचान का हिस्सा बन गई थीं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बदलते मौसम और रंग इंसानी भावनाओं के अलग-अलग पहलुओं को पर्दे पर उतारने की क्षमता रखते हैं। मुख्यमंत्री ने फिल्मकारों से अपील की कि वे जम्मू-कश्मीर में शूटिंग के दौरान केवल पहाड़ों और प्राकृतिक नजारों तक सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि फिल्मकार स्थानीय लोगों की कहानियां सुनें, कारीगरों से मिलें, संगीतकारों को सुनें और शहर की गलियों में घूमकर यहां की जीवंत संस्कृति को अपनी फिल्मों का हिस्सा बनाएं।
'सिर्फ खूबसूरती से फिल्म इंडस्ट्री नहीं बनेगी'
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पुरानी यादों के सहारे फिल्म इंडस्ट्री को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इसके लिए जम्मू-कश्मीर में आधुनिक और फिल्मकारों के अनुकूल माहौल तैयार करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने फिल्म शूटिंग की अनुमति और अन्य प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू किया है। शूटिंग लोकेशन और सुरक्षा से जुड़ी मंजूरियों के लिए समर्पित ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा भी विकसित की जा रही है। सरकार की फिल्म नीति के तहत स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और क्रू को काम देने वाली फिल्मों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाओं पर भी जोर
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में आधुनिक पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधाएं, उपकरण बैंक, फिल्म स्टूडियो और फिल्म शिक्षा संस्थान विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल फिल्मों की शूटिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में एक मजबूत स्थानीय फिल्म इंडस्ट्री तैयार करना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और युवा प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिले।
युवाओं से बोले- 'आपकी कहानियां मायने रखती हैं'
मुख्यमंत्री ने IFFJK को 'इरादे की घोषणा' बताते हुए कहा कि चार दिवसीय फिल्म फेस्टिवल युवाओं को दुनियाभर के फिल्मकारों और सिनेमा से जुड़े विशेषज्ञों से सीखने का अवसर देगा। उन्होंने युवाओं से कहा कि उनकी कहानियां और उनकी आवाज महत्वपूर्ण हैं।
(0)Comments