हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के हत्याकांड की जांच में पुलिस को नई कड़ियां मिल रही हैं। मास्टरमाइंड भोलू शाहपुरिया और जेल में बंद राकेश उर्फ पंपू के बीच संपर्कों की जांच हो रही है। पुलिस सोनीपत के राहुल की भी तलाश कर रही है, जो कि इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकता है।
शामली। हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड में जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे हत्या के पीछे छिपे नेटवर्क की नई कड़ियां सामने आ रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या के मास्टरमाइंड और गोगी गिरोह से जुड़े भोलू शाहपुरिया ने अंकित की हत्या की साजिश रची होने की आशंका है। जांच में यह भी सामने आया है कि भोलू के रिश्तेदार बताए जा रहे करनाल जेल में बंद राकेश उर्फ पंपू ने कथित तौर पर इस साजिश की कड़ियों को आगे बढ़ाया। अब पुलिस को हत्या की इस लंबी चेन में सोनीपत के बदमाश राहुल भूरी की भी एक अहम कड़ी होने की आशंका है। पुलिस राहुल के संपर्कों, उसकी गतिविधियों और गोगी गिरोह से जुड़े भोलू शाहपुरिया से उसके कथित संपर्क की पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि राहुल का अंकित हत्याकांड की साजिश से कोई संबंध हो सकता है। हालांकि उसकी भूमिका अभी जांच के दायरे में है और पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों तथा पूछताछ के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट करेगी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि राहुल का नाम इससे पहले गैंगस्टर दीपक उर्फ भांजा हत्याकांड में भी आया था। फरवरी 2025 में नेशनल हाईवे-44 स्थित बीर ढाबे पर हुई दीपक भांजा की हत्या में पुलिस ने राहुल को मुख्य शूटर और करनाल जेल में बंद राकेश उर्फ पंपू को साजिशकर्ता बताया था। अब यही पुरानी कड़ी अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस के लिए अहम हो गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या भांजा हत्याकांड से जुड़े संपर्कों और नेटवर्क का कोई सिरा अंकित की हत्या की कथित साजिश तक भी पहुंचता है। जांच में पुलिस की नजर भोलू शाहपुरिया के संपर्कों पर भी है। एक लाख रुपये के इनामी भोलू की तलाश में पुलिस सोनीपत, दिल्ली समेत कई संभावित ठिकानों को खंगाल रही है। उसके देश में होने अथवा विदेश में छिपे होने की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस और एसओजी की टीमें करनाल, रोहतक और सोनीपत में लगातार दबिश दे रही हैं। फरार शूटर सत्यम और आर्यन समेत अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है。
राहुल और पंपू के जरिए भोलू तक पहुंचने की कोशिश
अंकित बालियान की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए दावों और पुलिस जांच में उभर रहे संपर्कों ने पूरे मामले को गैंग नेटवर्क से जोड़कर देखने का रास्ता खोल दिया है। हत्या को अंजाम देने वाले चार शूटरों में से दो को पुलिस मुठभेड़ में मार गिरा चुकी है, जबकि करनाल के दोनों शूटर सत्यम और आर्यन अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इनकी तलाश और दबिश के दौरान पुलिस को नए-नए सुराग मिल रहे हैं।इसलिए अब शूटरों की गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस हत्या में शामिल रहे संभावित पूरे नेटवर्क को खंगालकर उसकी अंतिम कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इसी जांच में सोनीपत निवासी राहुल का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी भूमिका को गंभीरता से खंगालना शुरू किया है। पुलिस को आशंका है कि राहुल अंकित की हत्या की कथित साजिश से जुड़ा हो सकता है। हालांकि अभी राहुल की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकला है। पुलिस उसके संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है। विशेष रूप से भोलू शाहपुरिया से उसके कथित संपर्क को अहम माना जा रहा है। पुलिस ने राहुल को अंकित हत्याकांड की कड़ी में इसलिए जोड़ा है क्योंकि पंपू का नाम पहले दीपक भांजा हत्याकांड में साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया था। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि पंपू के पुराने संपर्क किन लोगों से रहे हैं और इनमें से किन लोगों का संबंध गोगी गिरोह अथवा भोलू शाहपुरिया से रहा है। राकेश उर्फ पंपू से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। पूंपू से पूछताछ के बाद पुलिस राहुल तक पहुंचेगी। राहुल भी जेल में बंद बताया जा रहा है। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर पुलिस राहुल को भी रिमांड पर ले सकती है। हत्याकांड की कथित साजिश से जुड़े संपर्कों, संभावित मध्यस्थों और अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। जांच अधिकारियों की नजर इस बात पर भी है कि भांजा हत्याकांड के बाद सक्रिय रहे लोगों में से कौन-कौन अब अंकित हत्याकांड के संदिग्धों के संपर्क में था। पुलिस पुराने मुकदमों की केस डायरी, आरोपियों के संपर्कों और उनके आपसी संबंधों को भी खंगाल रही है।
भांजा हत्याकांड ने खोला पुराना नेटवर्क
अंकित हत्याकांड की जांच में दीपक उर्फ भांजा की हत्या की कड़ी सामने आना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दोनों मामलों में कुछ नाम और संपर्क पुलिस के सामने दोबारा आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टर दीपक उर्फ भांजा वर्ष 2014 में सोनीपत के शाहपुर गांव निवासी विनोद उर्फ घोला की हत्या में शामिल था। विनोद उर्फ घोला को भोलू शाहपुरिया का चाचा बताया गया है। विनोद के राकेश उर्फ पंपू का बहनोई होने की बात भी जांच में सामने आई है। हालांकि इस रिश्ते की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है। पुलिस के मुताबिक विनोद की हत्या के बाद राकेश उर्फ पंपू और दीपक भांজা के बीच रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश के चलते फरवरी 2025 में नेशनल हाईवे-44 स्थित बीर ढाबे पर दीपक भांजा की हत्या की गई। पुलिस जांच में इस हत्या में राहुल को मुख्य शूटर और राकेश उर्फ पंपू को कथित साजिशकर्ता बताया गया था। राकेश उर्फ पंपू ने राहुल आदि के जरिए दीपक भांजा की हत्या कराए जाने की आशंका जताई गई थी। उस दौरान हत्या में भोलू शाहपुरिया का नाम भी चर्चित रहा था। अब अंकित बालियान हत्याकांड में राहुल का नाम सामने आने के बाद पुलिस इस पुराने मामले की कड़ियों को फिर से देख रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या दोनों घटनाओं के बीच केवल आरोपियों के नाम साझा हैं या इनके पीछे संपर्कों का कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय रहा है।
हरियाणा से दिल्ली और गुजरात तक पुलिस की दबिशें जारी
अंकित हत्याकांड में फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस और एसओजी ने अभियान तेज कर दिया है। करनाल, रोहतक और सोनीपत के अलावा दिल्ली, गुजरात आदि कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। एक लाख रुपये के इनामी शार्प शूटर सत्यम और आर्यन समेत अन्य आरोपियों की तलाश में टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग स्थानों पर संदिग्धों के पुराने ठिकानों और उनके संपर्कों को खंगाल रही हैं। जिन लोगों के बारे में जानकारी मिल रही है, उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि शूटरों तक पहुंचने के साथ-साथ उस व्यक्ति अथवा नेटवर्क तक भी पहुंचा जाए, जिसने कथित तौर पर हत्या की योजना तैयार कराई। इसी क्रम में भोलू शाहपुरिया के संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
पंपू के पिता के अंतिम संस्कार में भी नहीं पहुंचा था भोलू
राकेश पंपू से रिश्तेदारी और गैंग से जुड़े होने की चर्चाओं के बीच भोलू शाहपुरिया के पंपू के पिता के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब तीन-चार महीने पहले राकेश पंपू के पिता का निधन हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक भोलू के वहां नहीं पहुंचने के पीछे उसकी गिरफ्तारी का डर होने की आशंका है। भोलू हरियाणा पुलिस का वांछित अपराधी है। इसके अलावा पुलिस को ऐसे इनपुट भी मिले हैं कि भोलू देश से बाहर कनाडा में हो सकता है। हालांकि स्थानीय पुलिस को उसके देश में ही कहीं छिपे होने के इनपुट भी मिल रहे हैं। पुलिस दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अभी तक भोलू की लोकेशन के पुख्ता साक्ष्य पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं।
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