राजीव कुमार, नई दिल्ली। घरेलू स्तर पर मजबूत मांग की वजह से इस साल त्योहारी सीजन में सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से 1.50 लाख करोड़ की बिक्री होने की उम्मीद की जा रही है।
पिछले साल त्योहारी सीजन में 1.20 लाख करोड़ की ऑनलाइन बिक्री हुई थी। उपभोक्ता व्यवहार पर रिसर्च करने वाली कंपनी डाटम इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक बिक्री में इस बढ़ोतरी को देखते हुए कंपनियां सीजनल रूप से करीब 2.6 लाख युवाओं को रोजगार देने जा रही है।
त्योहारी सीजन में अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
त्योहारी सीजन की बिक्री मुख्य रूप से अक्टूबर पहले सप्ताह में शुरू होकर नवंबर आखिर तक चलेगी। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में पैसेंजर कार की बिक्री में हर महीने होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए कार कंपनियों के डीलर ने भी त्योहारी सीजन की बिक्री की तैयारी शुरू कर दी है। नवरात्र से लेकर दिवाली के बीच प्रचलित गाड़ियों की डिलिवरी के लिए अभी से स्टॉक किए जा रहे हैं।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी बिक्री से सिर्फ मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को ही फायदा नहीं होता है। पूरी अर्थव्यवस्था की गति तेज हो जाती है और त्योहारी सीजन वाली तिमाही के आर्थिक परिणाम भी बेहतर हो जाते हैं।
वर्ष 2014 से हर साल त्योहारी सीजन की ऑनलाइन बिक्री में बढ़ोतरी का रुख दिख रहा है। पांच साल पहले तक मुख्य रूप से मोबाइल फोन व कपड़ों की खरीदारी त्योहारी सीजन पर होती थी, अब पर्सनल केयर, कंज्यूमर गुड्स, ग्रोसरी, गोल्ड, सौंदर्य जैसे कई आइटम की हिस्सेदारी ऑनलाइन खरीदारी में बढ़ती जा रही है।
डाटम की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के त्योहारी सीजन की ऑनलाइन बिक्री में मोबाइल फोन की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत थी जो इस साल 29 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। क्विक कामर्स के जुड़ने से ग्रोसरी की हिस्सेदारी पिछले दो साल में 2.5 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
रांची, जालंधर, कोच्चि जैसे दर्जनों टियर-3 शहरों में ऑनलाइन बिक्री के बढ़ते चलन को देखते हुए वहां भी कंपनियां युवाओं को नौकरी पर रख रहे हैं। 20 लाख विक्रेताओं वाले ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इंडिया ने तो 1.6 लाख युवाओं को सीजनल तौर पर नौकरी देने की घोषणा भी कर दी है।
अच्छी बात यह है कि अब छोटे खुदरा दुकानदार भी अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए स्वदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने लगे हैं। हालांकि अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो, मिंत्रा जैसे प्लेटफॉर्म से भी उन्हें जोड़ने में कोई परहेज नहीं दिख रहा है। तभी अमेजन ने ऑफलाइन काम करने वाले 56 हजार छोटे दुकानदारों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ा है।
वोकल फॉर लोकल से ऑफलाइन बिक्री में भी तेजी
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की तरफ से भारी छूट के चलन का विरोध करने वाले कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव एवं भाजपा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि पिछले साल त्योहारी सीजन में ऑफलाइन खुदरा दुकानदारों ने 6.5 लाख करोड़ की बिक्री की थी और इस बार इससे अधिक की बिक्री होने की उम्मीद है।
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