Tigress Captured: महाराष्ट्र के अमरावती जिले और मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पिछले कुछ दिनों से लोगों के बीच खौफ का कारण बनी एक नरभक्षी बाघिन को वन विभाग की सतर्क टीम ने सोमवार के दिन सफलतापूर्वक ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया है। इस खूंखार बाघिन ने शिरजगांव कसबा के पास स्थित पानखेल के जंगलों में एक निर्दोष किसान पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिसके बाद हरकत में आई रेस्क्यू टीम ने उसे बेहोशी का इंजेक्शन देकर काबू में किया और लोहे के मजबूत पिंजरे में बंद कर दिया। इस आदमखोर बाघिन के पकड़े जाने से महाराष्ट्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।
मिली जानकारी के मुताबिक, काबू में आने से एक दिन पहले यानी रविवार को इस बाघिन ने देऊरवाड़ा क्षेत्र के सोमतीर्थ गांव में स्थित एक मवेशी शेड पर धावा बोला था। उस हमले में एक गाय की जान चली गई थी जबकि दूसरी बुरी तरह जख्मी हो गई थी। इसके बाद वह जंगल की तरफ भाग निकली। अगले दिन यह आदमखोर जंगली जानवर पानखेल-कायटोला इलाके में बने एक खेत में जा पहुंची। वहां पचपन वर्षीय किसान दिनेश शंकरराव आवारे अपनी फसल में खाद छिड़कने का काम कर रहे थे। बाघिन ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हमले के बाद वह किसान के शव को लगभग आधा किलोमीटर दूर एक नाले के पास घसीट कर ले गई।
घटना की भयानकता को देखते हुए पुलिस और वन विभाग ने आम जनता को हादसे वाली जगह से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। इसके पश्चात अमरावती, नागपुर, पुणे और चंद्रपुर से बुलाई गई संयुक्त रेस्क्यू टीम ने बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया। आदमखोर बाघिन को ढूंढने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों का सहारा लिया गया। सटीक लोकेशन मिलते ही पुणे के रेस्क्यू चैरिटेबल ट्रस्ट के अनुभवी डॉक्टर हेमराज ने सही निशाना साधकर बाघिन को डार्ट मारा और उसे अचेत कर दिया। बेहोश होते ही टीम ने सुरक्षात्मक तरीके से उसे पिंजरे में डालकर प्राथमिक डॉक्टरी सहायता दी और आगे की चिकित्सा जांच के लिए भेज दिया।
इस खूंखार जानवर की गतिविधियों के कारण मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित आठनेर और सावलमेंदा के आसपास के इलाकों में काफी डर का माहौल बन गया था। अमरावती पुलिस नियंत्रण कक्ष से चेतावनी मिलने के बाद बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन और दक्षिण वन मंडल के अधिकारी अरिहंत कोचर ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी थी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को अकेले खेतों में न जाने, सतर्क रहने और किसी भी तरह के पदचिह्न दिखने पर तुरंत सूचना देने की सलाह दी थी। अब बाघिन के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद सीमा पर बसे ग्रामीणों ने राहत महसूस की है, हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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