Gaurav Bhatia CJP case: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने दिल्ली हाईकोर्ट में ₹2 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह मामला सोशल मीडिया पर उनके नाम से कथित तौर पर गलत और आपत्तिजनक बयान प्रसारित किए जाने से जुड़ा है। मुकदमे में Cockroach Janta Party (CJP) के कथित नेताओं अभिजीत दिपके और आशुतोष रांका के साथ पत्रकार सौरव दास को भी पक्षकार बनाया गया है।
याचिका के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक AI-generated graphic शेयर किया गया था, जिसमें स्वातंत्र्य भारद्वाज को लेकर की गई कथित टिप्पणी गौरव भाटिया के नाम से जोड़ दी गई। भारद्वाज पर CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में आरोपी होने का उल्लेख याचिका में किया गया है।
जब आरोप अपनी सीमा लांघते हैं, तब कानून अपनी लकीर खींचता है।
₹2 करोड़ का मानहानि का मुकदमा।
कल यह मानहानि मामला माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होगा।
ना कोई सोशल मीडिया ट्रायल।
ना बयानों की जंग।
सिर्फ तथ्य, सबूत और कानून का राज।
सच की परीक्षा… pic.twitter.com/fk2RWpHUSD — Gaurav Bhatia गौरव भाटिया 🇮🇳 (@gauravbhatiabjp) September 8, 2026
भाटिया का कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की थी। इसके बाद उन्होंने पत्रकार सौरव दास से पोस्ट हटाने और बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। दास ने बाद में पोस्ट डिलीट कर अपने X अकाउंट पर यह स्पष्ट किया कि संबंधित ग्राफिक AI से बनाया गया था।
हालांकि, भाटिया का आरोप है कि पोस्ट हटाए जाने के बावजूद संबंधित सामग्री दूसरे सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए प्रसारित और प्रचारित होती रही।
CJP नेता पर भी पोस्ट शेयर करने का आरोप
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सौरव दास के अकाउंट से पोस्ट किए गए उसी ग्राफिक को दोबारा शेयर किया। भाटिया के मुताबिक, इसके साथ BJP नेताओं का कथित तौर पर मजाक उड़ाने वाला कैप्शन भी लगाया गया।
याचिका में दावा किया गया है कि संबंधित पोस्ट को प्रकाशित होने के कुछ समय के भीतर 1.32 लाख से अधिक लोगों ने देखा। भाटिया ने अदालत से कहा है कि इस तरह की सामग्री से उनकी सार्वजनिक छवि, प्रतिष्ठा और पेशेवर स्थिति को नुकसान पहुंचा।
Hilte dulte Greater Noida court matt poch jana! 🤣
(IYKYK) https://t.co/61QIIfQmSl — Saurav Das (@SauravDassss) September 8, 2026
उमर खालिद और न्यायपालिका से जुड़े पोस्ट का भी जिक्र
मानहानि के मुकदमे में सौरव दास के पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का भी हवाला दिया गया है। इनमें उमर खालिद की हिरासत और न्यायपालिका से संबंधित टिप्पणियां शामिल हैं।
भाटिया ने आरोप लगाया है कि ऐसे पोस्ट न्यायिक कार्यवाही की सामान्य आलोचना की सीमा से आगे निकल गए और न्यायपालिका पर व्यापक टिप्पणी के रूप में सामने आए। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित तौर पर एक अपंजीकृत संगठन के बैनर तले काम करने वाले लोगों ने संवैधानिक संस्थाओं, जिसमें न्यायपालिका भी शामिल है, के खिलाफ सामग्री प्रकाशित की।
दिल्ली हाईकोर्ट से क्या मांग की गई?
गौरव भाटिया ने अदालत से कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने के निर्देश देने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने प्रतिवादियों को ऐसी सामग्री को दोबारा प्रकाशित करने, शेयर करने, प्रसारित करने या किसी अन्य तरीके से फैलाने से रोकने का आदेश देने की भी मांग की है।
मामले में लगाए गए आरोप अभी दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष विचाराधीन हैं और इन पर अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है।
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