Meta की बढ़ी मुश्किलें... बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट मामले में NCPCR सख्त; MD-हेड को भेजा समन

Meta की बढ़ी मुश्किलें... बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट मामले में NCPCR सख्त; MD-हेड को भेजा समन
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Category: Politics
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बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट को लेकर मेटा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले में Meta India के मैनेजिंग डायरेक्टर और प्रमुख को समन भेजकर बुधवार को आयोग के सामने पेश होने को कहा है। यह कार्रवाई BBC Eye की एक रिपोर्ट में इंस्टाग्राम और फेसबुक पर CSEAM से जुड़े कथित विज्ञापनों के सामने आने के बाद की गई है। NCPCR ने 3 जुलाई को मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए Meta Platforms, Inc. से मामले में स्पष्टीकरण मांगा था। मेटा ने करीब एक सप्ताह बाद आयोग को अपना जवाब सौंपा था। अब आयोग ने मामले की वास्तविकता और आरोपों की जांच करने का फैसला किया है। Advertisement इसी सिलसिले में Meta India के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया गया है। आयोग यह भी जानना चाहता है कि प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर आपत्तिजनक कंटेंट वाले विज्ञापन कैसे प्रदर्शित हुए और उन्हें रोकने के लिए कंपनी की ओर से क्या कदम उठाए गए। Advertisement इंस्टा पर पेड विज्ञापनों को लेकर उठे सवाल इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भी पहले कार्रवाई कर चुका है। जुलाई में मंत्रालय ने इंस्टाग्राम को CSEAM को बढ़ावा देने या उस तक पहुंच आसान बनाने वाले कथित विज्ञापनों और कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही Meta से इस संबंध में विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा गया था। यह कदम BBC की जांच के बाद उठाया गया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि Meta के प्लेटफॉर्म पर कुछ पेड विज्ञापन यूजर्स को ऐसे बाहरी चैनलों तक पहुंचा रहे थे, जहां बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री उपलब्ध होने का दावा किया गया था। सरकार और बाल अधिकार आयोग की नजर जांच पर मामले को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश के बाद MeitY ने Meta से जवाब तलब किया था। अब NCPCR की जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था में कोई गंभीर खामी रही या नहीं। आयोग की कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों से जुड़े संवेदनशील कंटेंट की ऑनलाइन पहुंच को रोकने और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने से जुड़ा है।

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