मुंबई- दुनिया भर की मोबाइल इंडस्ट्री के लिए मेमोरी की बढ़ती कीमत चुनौती बन गई है और इसके चलते 2026 में करीब 40 प्रतिशत स्मार्टफोन के दाम बढ़ गए हैं। वैश्विक स्तर पर स्मार्टफोन की रिटेल कीमत 2026 में अब तक औसत 15 प्रतिशत बढ़ी हैं और कुछ मॉडल्स का दाम करीब दोगुना हो गया है। इसकी वजह कंपनियों की ओर से मेमोरी की बढ़ी हुई कीमतों का बोझ ग्राहकों को ट्रांसफर करना है।
कीमत को लेकर संवेदनशील बाजारों पर ज्यादा प्रीमियम वाले बाजारों की तुलना में अधिक दबाव देखा जा रहा है। साथ ही, नए स्मार्टफोन अपने पुराने वर्जन की तुलना में ज्यादा कीमत पर लॉन्च हो रहे हैं, जो स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ने की ओर एक बड़े बदलाव का संकेत है।
कीमत के प्रति संवेदनशील बाजारों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें भारत 21 प्रतिशत, एशिया-प्रशांत 19 प्रतिशत और मध्य पूर्व एवं अफ्रीका 18 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहे। वहीं,प्रीमियम बाजारों में बढ़ोतरी की रफ्तार थोड़ी कम रही। इस दौरान चीन में 10 प्रतिशत, यूरोप में 7 प्रतिशत और अमेरिका में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और यह मुख्य रूप से नए लॉन्च पर केंद्रित थी।
मेमोरी की कीमतों में बढ़ोतरी से स्मार्टफोन की लागत में इजाफे का एक मुख्य कारण बन गई है, जिससे पूरी इंडस्ट्री में कीमतें बदल रही हैं और कंपनियों के पास बढ़ी हुई लागत को खुद उठाने की गुंजाइश कम हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर उन बाजारों में दिख रहा है जहां ग्राहक कीमत को लेकर बहुत संवेदनशील हैं। वहां औसत कीमतों में 16 प्रतिशत-21 प्रतिशत की बढ़ोतरी से डिवाइस खरीदना मुश्किल हो रहा है। ग्राहक इसके जवाब में अपग्रेड टाल रहे हैं, बड़ी सेल के दौरान खरीदारी कर रहे हैं या पुराने डिवाइस खरीद रहे हैं।
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