अगस्त 2025 से अब तक 765 शवों का पोस्टमार्टम, रिम्स नहीं भेजा गया एक भी शव

अगस्त 2025 से अब तक 765 शवों का पोस्टमार्टम, रिम्स नहीं भेजा गया एक भी शव
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Category: Health
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मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल का पोस्टमार्टम विभाग गंभीर मामलों में सफल रहा है। अगस्त 2025 से अब तक 765 शवों का पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें जटिल मामलों को सफलता से हैंडल किया गया। ऑनलाइन रिपोर्टिंग की प्रक्रिया भी जल्द शुरू करने की योजना है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमआरएमसीएच) का पोस्टमार्टम विभाग अब गंभीर और जटिल मामलों के शवों के पोस्टमार्टम में भी सक्षम हो गया है। अगस्त 2025 से अब तक अस्पताल में 765 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है। खास बात यह है कि इस अवधि में एक भी डीकंपोज शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची नहीं भेजा गया। अस्पताल में ही सभी मामलों का पोस्टमार्टम किया गया है। एफएमटी विभागाध्यक्ष डॉ. संजीत ने बताया कि अगस्त से दिसंबर 2025 तक 261 और जनवरी से अगस्त 2026 तक 504 शवों का पोस्टमार्टम किया गया। इनमें गोली लगने से मौत, पांच से सात दिनों तक पुराने डीकंपोज शव, बोन एग्जामिनेशन, कंकाल और गर्भावस्था के बाद मृत्यु जैसे कई गंभीर व जटिल मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया एमआरएमसीएच में ही सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। ऑनलाइन रिपोर्टिंग की प्रक्रिया डॉ. संजीत ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है। राज्य स्तर से प्रशिक्षण के लिए दो डॉक्टरों के नाम मांगे गए हैं। एमआरएमसीएच की ओर से दोनों डॉक्टरों के नाम भेज दिए गए हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ऑनलाइन रिपोर्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन करने की व्यवस्था पूर्ण रूप से लागू हो गया है। विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी विदित हो कि एमआरएमसीएच का एफएमटी विभाग फिलहाल प्रोफेसर की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में मेडिकल ऑफिसर और सीनियर रेजिडेंट के भरोसे ही विभाग की जिम्मेदारी है। डॉ. संजीत का कार्यकाल नवंबर में पूरा होने वाला है। ऐसे में उनके कार्यकाल के बाद विभाग के संचालन में मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ेगा। एक ओर जहां विभाग ने जटिल पोस्टमार्टम के मामलों में अपनी क्षमता साबित की है, वहीं विशेषज्ञ चिकित्सक की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। फोटो:-मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमआरएमसीएच) का पोस्टमार्टम विभाग ।

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