जगाधरी। जिले के राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के बीच अब विद्यार्थियों के सामने बिना तैयारी परीक्षा देने की चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षकों की बीएलओ सहित अन्य विभागीय कार्यों में ड्यूटी लगने के कारण करीब दो माह से स्कूलों में नियमित पढ़ाई प्रभावित है। इससे कई कक्षाओं का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो पाया है। इसी बीच शिक्षा विभाग ने 21 सितंबर से परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है।
वहीं, परीक्षाओं से ठीक पहले शिक्षकों के प्रशिक्षण का शेड्यूल भी जारी किया गया है। इसके अनुसार शिक्षक 14 से 19 सितंबर तक प्रशिक्षण शिविर में शामिल होंगे। 20 सितंबर को रविवार का अवकाश है। ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले पढ़ाई और दोहराई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। इसका सीधा प्रदर्शन पर पड़ेगा।
राजकीय विद्यालयों में पहले ही शिक्षकों की भारी कमी है। कई विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों के पद खाली होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा शिक्षकों को लगातार गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से कक्षा शिक्षण का समय और कम हो गया है।
अब परीक्षा की घोषणा के बाद भी शिक्षकों का प्रशिक्षण निर्धारित होने से विद्यार्थियों को सिलेबस पूरा कराने और परीक्षा की तैयारी करवाने का अवसर सीमित रह गया है। अभिभावकों का कहना है कि विभाग को परीक्षा से पहले पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। ऐसे में विद्यार्थियों और शिक्षकों के सामने कम समय में पाठ्यक्रम पूरा करने और परीक्षा की तैयारी कराने की बड़ी चुनौती है।
राजकीय प्राथमिक अध्यापक संघ के प्रधान सुरेंद्र कांबोज ने बताया कि जिले के 80 प्रतिशत शिक्षक बीएलओ ड्यूटी कर रहे हैं। दो महीने से शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं नहीं ले पा रहे हैं। स्कूलों में भी एसआईआर संबंधित काम लेकर लोग पहुंच रहे हैं। विद्यालयों में पहले ही शिक्षकों की कमी है। एक शिक्षक के भरोसे 400 विद्यार्थियों का स्कूल चल रहा है। बच्चों का पाठ्यक्रम तक पूरा नहीं हो पाया है। बिना पढ़े विद्यार्थी परीक्षा देंगे तो प्रदर्शन खराब होगा। वहीं, अब अध्यापकों को प्रशिक्षण शिविर लगाने के आदेश दिए गए हैं। शिक्षक बच्चों की ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। विषयों के अनुसार परीक्षा कार्यक्रम
शिक्षा विभाग के कार्यक्रम के अनुसार 21 सितंबर को तीसरी और पांचवीं की अंग्रेजी, चौथी की हिंदी, छठी की गणित, सातवीं की सामाजिक विज्ञान, आठवीं की हिंदी, नौवीं की संस्कृत, उर्दू, हिंदी और दसवीं की अंग्रेजी की परीक्षा होगी। वहीं, 11वीं व 12वीं के निर्धारित विषयों के पेपर भी इसी दिन होंगे। 22 सितंबर को विभिन्न कक्षाओं के हिंदी, गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अन्य विषयों की परीक्षा होगी। 24 सितंबर को गणित, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान, हिंदी, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों की परीक्षाएं होंगी। 26 सितंबर को भी निर्धारित विषयों की परीक्षा होनी है। 28 सितंबर को छठी से 12वीं की परीक्षाएं होंगी। 29 सितंबर को तीसरी, चौथी और पांचवीं की परीक्षा होगी। 30 सितंबर को छठी से 12वीं तक के निर्धारित विषयों की परीक्षाएं होंगी।
स्कूल मुखियाओं को परीक्षा संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की तैयारी और परीक्षा संचालन को लेकर स्कूल स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। - प्रेमलता बक्शी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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