झांसी। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र में सट्टे के लेनदेन को लेकर विवाद की आशंका में एक सरकारी शिक्षक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर कारोबारी विकास कुमार गुप्ता का अपहरण कर लिया। दोनों कारोबारी को कार में डालकर निर्माणाधीन भवन में ले गए और करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर पीटा। कारोबारी के भाई की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की तो दोनों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक युवक को चोरी करते हुए पकड़ने की झूठी सूचना दे दी। पुलिस ने घटना के 7 घंटे बाद महेंद्रपुरी कॉलोनी निवासी विनय यादव (35) और अयोध्यापुरी कॉलोनी निवासी रवि यादव (35) को गिरफ्तार कर कारोबारी को सकुशल मुक्त करा लिया।
पंचवटी कॉलोनी निवासी कारोबारी विकास कुमार गुप्ता (43) चिप्स और नमकीन का कारोबार करते हैं। विकास के मुताबिक रविवार रात करीब 10:45 बजे वह कारोबार के सिलसिले में लोगों से मिलने के बाद घर लौट रहे थे। अटल चौक के पास उन्हें एक दुर्घटनाग्रस्त कार दिखाई दी। किसी परिचित के होने की आशंका में उन्होंने कार रोककर पूछताछ शुरू कर दी।
दूसरी कार में दो युवक बैठे थे। दुर्घटना के बारे में पूछने पर दोनों गाली-गलौज करने लगे। विकास ने छोटे भाई सौरभ गुप्ता को फोन कर मौके पर बुला लिया। आरोप है कि इसी दौरान दोनों युवकों ने विकास को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और वहां से भाग निकले।
विकास के मुताबिक आरोपी उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले गए और करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उधर, सौरभ की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो विकास की कार वहां खड़ी मिली, लेकिन वह नहीं थे। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी।
पुलिस के पहुंचने की जानकारी होने पर आरोपी विकास को लेकर वापस पहुंचे। पुलिस की गाड़ियां देखकर उन्होंने भागने का प्रयास किया। विकास ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर पुलिस ने कार का पीछा किया। आरोपी महेंद्रपुरी कॉलोनी के भीतर कार लेकर चले गए। पुलिस ने पीछा करते हुए निर्माणाधीन भवन से विकास को बरामद कर लिया और मौके से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पहले चोरी की झूठी सूचना दी, फिर खुला अपहरण का राज पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए आरोपियों ने डायल-100 पर फोन कर निर्माणाधीन भवन में एक युवक को चोरी करते हुए पकड़ने की सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने चोरी की ही घटना बताई। पुलिस दोनों को थाने ले आई। पूछताछ और सख्ती के बाद उन्होंने कारोबारी के अपहरण की बात स्वीकार कर ली। इस तरह घटना के सात घंटे के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कोट पुलिस की घेराबंदी से घबराकर आरोपियों ने चोरी की झूठी सूचना दी थी। दोनों आरोपी विनय यादव और रवि यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। -विकास कुमार, एसएसपी रवि सरकारी शिक्षक, ललितपुर जीआरपी में तैनात सिपाही की कार इस्तेमाल
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रवि यादव बबीना के एक सरकारी स्कूल में शिक्षक है। उसके पिता पुलिस विभाग में निरीक्षक हैं और वर्तमान में उरई में तैनात बताए जा रहे हैं। वहीं, विनय यादव प्राइवेट शिक्षक होने के साथ प्रॉपर्टी का काम भी करता है। घटना में इस्तेमाल कार हरेंद्र की बताई गई है, जो ललितपुर जीआरपी में तैनात है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के समय आरोपियों की हरेंद्र से फोन पर बातचीत हुई थी या नहीं। इसके लिए पुलिस तीनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। मोबाइल में मिले सट्टे के लेनदेन, विवाद की भी जांच पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में इनमें सट्टे से जुड़े कई लेनदेन मिलने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि सट्टे के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ हो सकता है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
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