नीट पेपर लीक मामले के छह आरोपियों की ओर से आरोप तय करने पर रखी गई दलीलें

नीट पेपर लीक मामले के छह आरोपियों की ओर से आरोप तय करने पर रखी गई दलीलें
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Category: Politics
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नई दिल्ली: दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के पेपर लीक मामले की सुनवाई करने वाली फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आज छह आरोपियों की ओर से आरोप तय करने पर दलीलें सुनी. स्पेशल जज ने आज दिन भर छहों आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद बाकी आरोपियो की दलीलें 9 सितंबर को सुनने का आदेश दिया. मंगलवार को आरोपियों मनीषा मंधारे, पीवी कुलकर्णी, तेजस हर्षद शाह, यश यादव, धनंजय लोखंडे और शुभम मधुकर खैरनार की ओर से पेश वकीलों ने दिन भर दलीलें रखी. उसके बाद कोर्ट ने बाकी आरोपियों के वकीलों को आरोप तय करने पर दलीलें रखने के लिए 9 सितंबर की तिथि नियत करने का आदेश दिया. बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी धनंजय लोखंडे की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दिया. हाईकोर्ट ने धनंजय लोखंड पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लागने का आदेश दिया. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 22 अगस्त को धनंजय लोखंडे की अरेस्ट मेमो देने की मांग करने वाली अर्जी खारिज कर दिया था. इसके पहले कोर्ट ने 14 अगस्त को सीबीआई को इस मामले की आगे और जांच करने की अनुमति दे दी थी. 12 अगस्त को कोर्ट ने सीबीआई की ओर से 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. सीबीआई ने जिन लोगों को आरोपी बनाया है उनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। ये सभी आरोपी अभी न्यायिक हिरासत में हैं। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2), भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) और 13(1)(ए) और पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट की धारा 10, धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत एफआईआर दर्ज किया था. इसके पहले कोर्ट ने तीन आरोपियों मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल का लाई डिटेक्टर टेस्ट करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. चार्जशीट पर सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया था कि इस मामले में 12 मई को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके तुरंत बाद 72 अफसरों और आठ साइबर फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरु की गई. सीबीआई ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और दूसरे राज्यों के 92 स्थानों पर छापे मारे. इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई को की गई थी. ये भी पढ़ें:

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