शॉर्ट बायो : अनुज परमार पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'हिन्दुस्तान' हिंदी आगरा में वरिष्ठ संवाददाता की भूमिका में कार्य कर रहे हैं। उनकी विशेषज्ञता कृषि से जुड़ी रिपोर्टिंग में है।
परिचय एवं अनुभव
अनुज परमार को हिंदी पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। साल 2014 में आगरा से पत्रकारिता की शुरुआत की। 12 साल के करियर में खेती-किसानी के साथ शहर में पर्यावरण व वन से जुड़ी कवरेज लगातार कर रहे हैं। 2017 में वह 'हिन्दुस्तान' से जुड़े। मौजूदा समय में 'हिन्दुस्तान' आगरा में वरिष्ठ संवाददाता के पद पर हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के अलावा वर्तमान डिस्टेंस से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र की रिपोर्टिंग में उन्होंने आवारा पशुओं से खराब हो रहीं फसलों का बड़ा मुद्दा उठाया। 'पूस की रात में किसान बने हलकू' जैसी मार्मिक खबर से किसानों की परेशानियां उभारीं। कृषि में आधुनिकता, तकनीकी और एआई से आए बदलाव को सक्रियता से लिया है।
ग्राउंड जीरो पर रिपोर्टिंग
पिछले 12 साल से पर्यावरण, वन और बेसिक शिक्षा से जुड़ी कवरेज भी कर रहे हैं। टीटीजेड में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी काटे जा रहे पेड़ों से जुड़ी खबरों में ग्राउंड जीरो रिपोर्टिंग की है। डालमिया बाग, माथुर फार्म हाउस और रेलवे माल गोदाम जैसे बड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए हैं। अनुज का मानना है कि इस पेशे में मेहनत और ईमानदारी जरूरी है।
विशेषज्ञता
कृषि, पर्यावरण, वन, बेसिक शिक्षा
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