Lakhisarai News: लखीसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। लखीसराय-मोकामा मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन निर्माण के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण में घोर धांधली और अनियमितता का आरोप लगाते हुए किसानों, रैयतों और व्यवसायियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को समाहरणालय परिसर में मौजा खैरी, दामोदरपुर और औरैया के प्रभावित ग्रामीणों एवं व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी तथा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से मुलाकात की और 500 लोगों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नगर परिषद के पूर्व वाइस चेयरमैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरविंद कुमार ने किया। किसानों ने एनएचएआई और भू-अर्जन विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए। किसानों ने मुख्य रूप से दो प्रमुख समस्याओं को बताया की सड़क के रूट को जानबूझकर सबसे महंगे, घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र और मुख्य बाजार से होकर तय किया गया है जबकि महज 500 मीटर की दूरी पर सस्ती और खाली जमीन उपलब्ध है। इस गलत एलाइनमेंट के कारण सैकड़ों किसानों की उपजाऊ जमीन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और उद्यम इकाइयां ध्वस्त हो जाएंगी। कई व्यापारियों ने बैंकों से करोड़ों रुपये का कर्ज ले रखा है जिससे उनका कारोबार पूरी तरह ठप होने की कगार पर है। दिये आवेदन में कहा गया की भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के गजट के अनुसार नए सर्किल रेट का 4 गुना मुआवजा देने का प्रावधान है। इसके विपरीत, स्थानीय प्रशासन द्वारा पुराने सर्किल रेट के आधार पर मात्र डेढ़ गुना मुआवजे का नोटिस दिया जा रहा है। इसके अलावा कीमती आवासीय और व्यावसायिक जमीनों को भी कागजों पर सस्ती कृषि भूमि के रूप में वर्गीकृत कर दिया गया है। किसानों ने डीएम से मांग की है की फोरलेन के वर्तमान एलाइनमेंट में तत्काल बदलाव कर इसे पास की खाली और सस्ती जमीन से गुजारा जाए।
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