डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी 2026 का फाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमों के बीच यह मैच चेन्नई के एम. ए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित किया गया है। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने दोहरा शतक लगा दिया। उन्होंने 334 गेंदों का सामना करते हुए 270 रन बनाए। एतिहासिक पारी खेलने के बाद उन्होंने अपनी बात रखी है। ईशान ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव और मुश्किल दौर के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा उनका पूरा ध्यान सिर्फ रन बनाने और टीम को जीताने पर होता है।
ईशान ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैंने खुद को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की। यह बदलाव अपने आप हुआ। जब मैं भारतीय टीम से बाहर था, तब मुझे एहसास हुआ कि आखिरकार हमारे पास करने के लिए सिर्फ एक ही काम है और वह रन बनाना है। यही एक चीज है जो आपके करियर में आपकी मदद करती है। किसी दूसरी चीज के बारे में सोचना आपकी मानसिकता को प्रभावित करता है और बेवजह का दबाव बढ़ाता है। मुझे समझ आ गया कि इन अतिरिक्त विचारों की कोई जरूरत नहीं है। हमारा काम मैदान पर उतरना और टीम के लिए मैच जीतना है।"
उन्होंने कहा, "आजकल मैं जो सबसे अच्छी चीज कर रहा हूं, वह है किसी भी चीज के बारे में ज्यादा न सोचना। एक बल्लेबाज के तौर पर मेरा काम बस मैदान पर जा कर गेंद के मुताबिक प्रतिक्रिया देना है। मैं खुद से किसी तरह की उम्मीद नहीं रखता।"
ईशान किशन ने 10 सालों बाद फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कमाल कर दिखाया। दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में साउथ जोन के खिलाफ 270 रनों की एतिहासिक पारी खेली है। इसके पहले उन्होंने साल 2016 में रणजी ट्रॉफी में पहला दोहरा शतक लगाया था। ईशान ने दिल्ली के खिलाफ 273 रनों की पारी खेली थी। वे अबतक फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10 शतक लगा चुके हैं।
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