तीन माह से बिजली गुल,विषय शिक्षक भी नहीं,कलेक्टर ने जांच टीम गठित कर दो दिन में मांगी रिपोर्ट -संवाददाता-
अम्बिकापुर,07 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। बतौली के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को उस समय प्रशासन में हडकंप मच गया,जब 100 से अधिक छात्राएं समस्याओं का समाधान कराने अंबिकापुर के लिए पैदल निकल पड़ीं। छात्राओं ने विद्यालय में तीन महीने से बिजली नहीं होने के साथ फिजिक्स-केमेस्ट्री के शिक्षक नहीं होने, भोजन की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायत की है। करीब छह किलोमीटर पैदल चलने के बाद प्रशासन ने बस की व्यवस्था कर छात्राओं को अंबिकापुर पहुंचाया। छात्राएं करीब छह किलोमीटर ही चली थीं कि इसकी जानकारी जिला प्रशासन को मिली।प्रशासन ने तत्काल बस की व्यवस्था कर छात्राओं को अंबिकापुर पहुंचाया। पहले उन्हें करीब एक घंटे तक पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में रखा गया। इसके बाद छात्राओं को कलेक्टोरेट ले जाया गया, जहां उन्होंने कलेक्टर अजीत बसंत के समक्ष विद्यालय की समस्याएं रखीं।सहायक आयुक्त को दी थी जानकारी : छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में फिजिक्स और केमेस्ट्री के शिक्षक नहीं हैं। बिजली की समस्या के साथ भोजन की गुणवत्ता और सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इन समस्याओं की जानकारी प्राचार्य और आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला को भी दी गई थी,लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद छात्राओं ने सीधे कलेक्टर से शिकायत करने का निर्णय लिया।सहायक आयुक्त से छात्राओं ने नहीं की बात : छात्राओं के पैदल निकलने की जानकारी मिलने पर सहायक आयुक्त ललित शुक्ला भी रास्ते में उनसे मिलने पहुंचे। हालांकि छात्राओं ने उनसे बातचीत करने से इनकार कर दिया। सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालय के शिक्षक भी छात्राओं के साथ रहे।
जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित : कलेक्टर अजीत बसंत ने छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं की जांच के लिए टीम गठित की है। टीम में संयुक्त कलेक्टर शारदा अग्रवाल, एसडीएम सीतापुर फागेश सिन्हा और आदिवासी विकास विभाग की सहायक संचालक किरण राजपूत शामिल हैं। टीम को विद्यालय पहुंचकर जांच करने और दो दिन के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एक छात्रा की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
कलेक्टोरेट पहुंचने के दौरान एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। वहीं, अन्य छात्राओं को दो बसों से वापस विद्यालय भेज दिया गया। कलेक्टर ने आश्रम-छात्रावासों के नोडल अधिकारियों को भी एक सप्ताह के भीतर सभी छात्रावासों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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