नईदुनिया प्रतिनिधि, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 तथा आगामी वर्षों के लिए प्रदेश में 354 नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की अनुमति प्रदान की है। इनमें बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पांच केंद्र शामिल हैं।
जारी आदेश के अनुसार शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम सिहार, राजपुर के परसागुड़ी, बलरामपुर के लिलौटी तथा रामचंद्रपुर विकासखंड के चेरा एवं पचावल में नवीन उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे दूरस्थ अंचलों के कृषकों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी तथा परिवहन व्यय एवं समय दोनों की बचत होगी।
केंद्रों की स्थापना के लिए शासन के दिशा-निर्देश
शासन ने केंद्रों की स्थापना के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश भी दिए हैं। जहां मंडी अथवा उपमंडी प्रांगण उपलब्ध हैं, वहां उन्हीं का उपयोग किया जाएगा, शेष स्थानों पर पर्याप्त समतल एवं ऊंची भूमि का चयन किया जाएगा, ताकि धान का सुरक्षित रखरखाव सुनिश्चित हो सके।
प्रत्येक केंद्र में कंप्यूटर सेट, दो प्रिंटर, यूपीएस एवं जनरेटर की व्यवस्था विपणन संघ द्वारा की जाएगी, वहीं किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन हेतु फिंगरप्रिंट तथा आईरिस डिवाइस उपलब्ध कराई जाएगी।
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केंद्रो पर होगी समुचित व्यवस्था
समितियों द्वारा आर्द्रतामापी यंत्र, इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र, पॉलिथीन कवर एवं डनेज सामग्री जुटाई जाएगी तथा केंद्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, विद्युत, प्रकाश एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था रहेगी। इन केंद्रों की मैपिंग भारत सरकार के पीसीएसएपी पोर्टल में की जाएगी और संबद्ध ग्रामों का निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा।
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