Shamli News: थानाभवन । थानाभवन क्षेत्र में एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी की शाखा में फर्जी केवाईसी दस्तावेजों, जाली पहचान पत्रों और कथित फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर लाखों रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है। कंपनी के एरिया मैनेजर ने पुलिस अधीक्षक शामली को शिकायत देकर मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की है। माइक्र्रो फाइनेंस कंपनी आरोहन फाइनेंस सर्विसिज लिमिटेड के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रेमनाथ सिंह ने थानाभवन थाने मे तहरीर दी कि उनकी कंपनी के थानाभवन ब्रांच शाखा प्रमुख प्रवीण कुमार, ग्राहक सेवा प्रतिनिधि आकाश और ग्राहक सेवा प्रतिनिधि जाबिर पर लगाए गए हैं। कंपनी की आंतरिक अनुपालन जांच के बाद कथित अनियमितताओं का खुलासा होने की बात शिकायत में कही गई है।शिकायत
में आरोप है कि आरोपियों ने केवाईसी दस्तावेजों और यूआईडी की तस्वीरों में हेरफेर कर फर्जी मतदाता पहचान पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों के आधार पर सात अलग-अलग केंद्रों में आठ अज्ञात व्यक्तियों के नाम से फर्जी ऋण खाते बनाए गए और ऋण राशि वितरित की गई। यही नहीं जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कथित धोखाधड़ी को छिपाने के लिए पांच ग्राहकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर करीब ₹2.05 लाख के ऋणों का फर्जी निपटान किया गया। इसके अलावा दो अन्य फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े मामले लंबित पाए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। जाँच के दौरान एक मामले में ग्राहक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एक महिला ग्राहक के पति के खाते में ऋण राशि गलती से जमा होने का झूठा दावा कर उससे ₹21,977 नकद वसूले गए तथा उसके पति का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी जमा किया गया, जबकि शिकायत के अनुसार पति जीवित है। कंपनी के अनुसार इन कथित गतिविधियों से कुल ₹3,54,477 की वित्तीय क्षति हुई थी। जिसमे आरोपियों से कुछ धनराशि की वसूली के बाद वर्तमान में ₹2,94,577 की बकाया क्षति बताई गई है।शिकायत में पूरे मामले को धोखाधड़ी, दस्तावेजों की जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और कंपनी के धन के दुरुपयोग से जुड़ी कथित आपराधिक साजिश बताया गया है तथा पुलिस से मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच की मांग की गई है। मामले मे थानाभवन थाना प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिँह रावत ने बताया कि मामले मे मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। जाँच कार आहे की कार्यवाही की जाएगी।
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