अम्बिकापुर@ महिलाओं और छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक….

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Category: SciTech
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साइबर जागृति अभियान के तहत स्मार्टफोन प्राइवेसी, सोशल मीडिया सुरक्षा और शिकायत प्रक्रिया की दी जानकारी -संवाददाता- अम्बिकापुर,07 सितम्बर 2026 (घटती-घटना)। डिजिटल युग में ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने और नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'साइबर जागृति अभियान' के तहत सरगुजा पुलिस ने महिलाओं एवं छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों में महिला कॉलेजों की छात्राओं, महिला सामुदायिक समूहों एवं विभिन्न महिला संगठनों से जुड़ी महिलाओं को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी गई। जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं और छात्राओं को स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग्स,सुरक्षित ब्राउजिंग तथा सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। पुलिस टीम ने समझाया कि मोबाइल एप को आवश्यकता से अधिक परमिशन,जैसे कैमरा, गैलरी और लोकेशन की अनुमति नहीं देनी चाहिए।टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और प्रोफाइल लॉक की दी जानकारी : फेसबुक, इंस्टाग्राम और वाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करने तथा प्रोफाइल लॉक जैसे सुरक्षा फीचर्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। साथ ही लॉटरी, इनाम, मुफ्त रिचार्ज और फर्जी नौकरी के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध लिंक से सावधान रहने तथा फिशिंग वेबसाइटों की पहचान करने के तरीके भी बताए गए। पुलिस ने महिलाओं को निजी तस्वीरें, लाइव लोकेशन, आधार नंबर और बैंक संबंधी संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा करने के जोखिमों से भी अवगत कराया। साइबर स्टॉकिंग,ऑनलाइन बुलिंग और अवांछित संदेशों की स्थिति में ब्लॉक एवं रिपोर्ट फीचर का उपयोग करने की जानकारी दी गई। सवालों के माध्यम से समझी साइबर सुरक्षा : कार्यक्रम को संवादात्मक रखा गया। छात्राओं ने साइबर अपराध से जुड़े सवाल,अनुभव और अपनी शंकाएं पुलिस टीम के सामने रखीं, जिनका अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरल भाषा में समाधान किया। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध या ऑनलाइन उत्पीड़न का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cyber crime.gov.in और हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने महिलाओं एवं छात्राओं से अपील की कि किसी भी साइबर ठगी या ऑनलाइन अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं,ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। Share बेहोशी की हालत में घर छोड़ गए ठेकेदार,कुछ घंटे बाद हुई मौत…आदिवासी समाज ने …

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