मुख्यपृष्ठ News प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
धार । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी, कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे, रेलवे, विनिर्माण, ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से बात की। प्रधानमंत्री ने वडोदरा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में गुजरात के नागरिकों का स्वागत करते हुए विकास के इस बड़े आयोजन को विकसित भारत की यात्रा को गति देने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया। समर्पित माल ढुलाई गलियारा भारत की नई जीवनरेखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में लोगों और सामानों की तेज आवाजाही के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने 2,800 किलोमीटर लंबे समर्पित माल ढुलाई गलियारे (Dedicated Freight Corridor) के निर्माण को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारों के पूरा होने से देश के व्यापार और वाणिज्य की तस्वीर बदल रही है। मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों पर दबाव कम हुआ है और माल परिवहन की गति भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से प्रतिदिन 430 से अधिक मालगाड़ियां संचालित की जा सकती हैं। पहले जहां ट्रकों को लगभग 30 घंटे लगते थे, वहीं अब कई मार्गों पर माल परिवहन का समय घटकर लगभग 10 से 12 घंटे रह गया है। किसानों को भी मिलेगा तेज परिवहन का लाभ प्रधानमंत्री ने कहा कि बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का सीधा लाभ किसानों को भी मिल रहा है। फल, सब्जियां, फूल और अन्य जल्दी खराब होने वाली कृषि उपज को अब देश के बड़े बाजारों और मंडियों तक कम समय में पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवहन का समय कम होने से ईंधन की बचत,माल ढुलाई लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण जैसे कई फायदे एक साथ मिल रहे हैं। जेएनपीटी से वडोदरा तक डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन प्रधानमंत्री मोदी ने समर्पित माल ढुलाई गलियारे पर डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी के सफल संचालन का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जेएनपीटी बंदरगाह से वडोदरा तक संचालित एक डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेन बड़ी मात्रा में माल को तेजी से पहुंचाने में सक्षम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की आधुनिक परिवहन व्यवस्था देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक माल की तेज और कुशल आवाजाही को मजबूत करेगी। छोटा उदेपुर और अलीराजपुर तक रेल कनेक्टिविटी प्रधानमंत्री ने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के दूरस्थ तथा आदिवासी क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने छोटा उदेपुर और अलीराजपुर की ओर नई ट्रेन सेवा शुरू होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रेल अब देश के उन क्षेत्रों तक पहुंच रही है, जहां पहले लंबे समय तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेंगे रोजगार और नए उद्योग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सड़क, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डे और गैस पाइपलाइन जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं केवल परिवहन सुविधाओं को बेहतर नहीं बनातीं, बल्कि रोजगार और नए कारोबार के अवसर भी पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण पर बड़े स्तर पर किया जा रहा निवेश हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है। गरीबों के लिए घरों का निर्माण, बंदरगाहों का विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी आसपास के क्षेत्रों में नए उद्योग और व्यवसाय विकसित करने में मदद कर रहे हैं। वडोदरा बना आधुनिक विनिर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र प्रधानमंत्री ने वडोदरा के औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर ने वस्त्र उद्योग से लेकर पेट्रोकेमिकल क्षेत्र तक अपनी अलग पहचान बनाई है। पिछले दो दशकों में वडोदरा एमएसएमई गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत के पहले स्वदेशी निर्मित सैन्य परिवहन विमान C-295 की पहली उड़ान भी वडोदरा से हुई है। प्रधानमंत्री ने इसे भारत की बढ़ती विनिर्माण क्षमता का उदाहरण बताया। भारत बना रेलवे विनिर्माण का बड़ा केंद्र प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की औद्योगिक और विनिर्माण क्षमता में तेजी से वृद्धि हुई है। भारत आधुनिक रेलवे कोच, वैगन और लोकोमोटिव के निर्माण में वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 के बाद देश में लगभग 50,000 आधुनिक रेलवे कोचों का निर्माण किया गया है और रेलवे नेटवर्क में लगभग 2.5 लाख वैगन शामिल किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब रेल कोच, मेट्रो कोच और रेल इंजन के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सौर ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत पर जोर प्रधानमंत्री मोदी ने देश में सौर ऊर्जा के बढ़ते उत्पादन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सौर पीवी मॉड्यूल के घरेलू उत्पादन में तेजी आई है और भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने कडाना बांध की फ्लोटिंग सोलर परियोजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से बड़ी संख्या में परिवार बिजली उत्पादक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत देशभर में लाखों परिवारों को लाभ मिला है, जिनमें गुजरात के लगभग 11 लाख परिवार भी शामिल हैं। 'चिप से लेकर जहाज तक' भारत के विनिर्माण पर जोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत अब विनिर्माण क्षेत्र में नई क्षमता विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य चिप से लेकर जहाज तक विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत घरेलू उत्पादन क्षमता तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर विनिर्माण से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा। AI और ऊर्जा क्षमता पर प्रधानमंत्री का जोर प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर जैसी उभरती तकनीकों के लिए मजबूत बिजली व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि भारत को AI के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनना है तो इसके लिए पर्याप्त ऊर्जा और आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना जरूरी है। उन्होंने यूरेनियम, महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। युवाओं के कौशल विकास को बताया जरूरी प्रधानमंत्री ने बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में युवाओं के लिए लगातार नए कौशल सीखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक डिग्री पर्याप्त नहीं हैं और युवाओं को बदलती तकनीक तथा रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाना होगा। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था में किए जा रहे बदलावों का भी उल्लेख किया। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग की पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का आर्थिक बोझ कम करना है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। AI के लिए तैयार होगी युवा पीढ़ी प्रधानमंत्री ने कहा कि AI अब केवल सूचना प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं है। इसका उपयोग कृषि, स्वास्थ्य सेवा, रोबोटिक्स, विनिर्माण और अन्य क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी को AI के उपयोग और इससे जुड़े कौशल के लिए तैयार करना आवश्यक है। इससे नए स्टार्टअप, नवाचार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के अंत में 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत के पास युवा शक्ति, तकनीक, विनिर्माण क्षमता और तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा है। इन सभी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करके देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए देश को लगातार प्रयास करते रहना होगा।
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