गोंडा DM को हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश: जिलाधिकारी के न पहुंचने का कारण नहीं बता सके सरकारी वकील, ₹5 हजार हर्जाना लगा

गोंडा DM को हाईकोर्ट में पेश होने का आदेश: जिलाधिकारी के न पहुंचने का कारण नहीं बता सके सरकारी वकील, ₹5 हजार हर्जाना लगा
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Category: Politics
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गोंडा के जिलाधिकारी (DM) को बुधवार को खुद कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। DM पर यह आदेश सरकारी वकील को जरूरी निर्देश न देने के बावजूद आया है। कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई न हो पाने पर DM पर 5 हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया है। इसकी वसूली उनके वेतन से की जाएगी। यह आदेश जस्टिस जसप्रीत सिंह की सिंगल बेंच ने ओंकार नाथ उर्फ ओंकार नाथ वर्मा की रिट याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। 17 अगस्त को कहा था डीएम को हाजिर होना होगा कोर्ट ने बताया कि 17 अगस्त को सरकारी वकील को मामले में जरूरी निर्देश लेने के लिए 2 हफ्ते का समय दिया गया था। कोर्ट ने तभी साफ कर दिया था कि अगर अगली तारीख तक सही निर्देश नहीं मिलते हैं, तो गोंडा के DM को खुद कोर्ट में हाजिर होना होगा। मंगलवार को जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो राज्य सरकार के वकील ने बताया कि उन्हें अब तक कोई निर्देश नहीं मिला है। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि जब DM को खुद हाजिर होने का निर्देश दिया गया था, तो वह अदालत में क्यों नहीं आए? इस सवाल का सरकारी वकील कोई ठीक जवाब नहीं दे सके। 9 सितंबर को पेश होने का निर्देश दिया कोर्ट ने मामले की सुनवाई 9 सितंबर के लिए तय करते हुए DM को खुद हाजिर होने का निर्देश दिया। साथ ही, मंगलवार को कोर्ट का समय सुनवाई के लिए उपलब्ध होने के बावजूद मामले में निर्देश न मिलने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इसी वजह से 5 हजार रुपए का हर्जाना लगाया गया।

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