दिल्ली बिल्डिंग हादसा: मालिक दंपति 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, बेटे को दो दिन की पुलिस रिमांड

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Category: Politics
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नई दिल्ली, 08 सितंबर (वेब वार्ता)। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने के मामले में अदालत ने मंगलवार को बिल्डिंग के मालिक हरिराम और उनकी पत्नी उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। मामले में गिरफ्तार लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को भी उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ लिया गया है और पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से बिल्डिंग के रखरखाव और मरम्मत का काम देखता था। अगस्त 2025 में बिल्डिंग को 'हॉस्टल डेज' नाम के पीजी ऑपरेटर को लीज पर दिया गया था। जांच में महेश ने यह भी बताया कि पिछले आठ-दस दिनों से बारिश के दौरान बेसमेंट में पानी और कचरा जमा होने की समस्या के कारण उसकी मरम्मत कराई जा रही थी। वहीं ग्राउंड फ्लोर पर व्यावसायिक विस्तार के उद्देश्य से निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन स्थानीय लोगों से बिल्डिंग गिरने की सूचना मिलने के बाद महेश अपने घर से फरार हो गया और राजस्थान के भिवाड़ी स्थित अपने ससुराल पहुंच गया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि रविवार को दोपहर करीब 1.30 बजे सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला पीजी बिल्डिंग ढह गई थी। 24 घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद मलबे से 12 लोगों को निकाला गया, जिनमें से सात लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतकों में उत्तर प्रदेश के सोनभद्र निवासी अभिषेक (20), छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी युवराज सोनी (20), उत्तर प्रदेश के औरेया निवासी पवन (17), मध्य प्रदेश के देवास निवासी अर्पित जहाज (19), मध्य प्रदेश के कटनी निवासी अक्षत सिंह यादव (18), मजदूर सुरेंद्र सिंह (75) शामिल हैं, जबकि एक मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। घायलों में असगर अली (30), नीरज बावा (19), आदित्य कुमार (19), नीतीश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) शामिल हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस ने पहले ही बिल्डिंग की मालकिन उर्मिला, उनके पति हरिराम और बेटे महेश को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि बिल्डिंग उर्मिला के नाम पर पंजीकृत थी, जबकि इसका संचालन हरिराम और महेश कर रहे थे। बिल्डिंग की दो मंजिलों का बिजली कनेक्शन भी हरिराम के नाम पर था। पुलिस अब पीजी संचालकों 'हॉस्टल डेज' और निर्माण कार्य में शामिल लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज की भूमिका की भी जांच कर रही है। हादसे के बाद एमसीडी ने कार्रवाई करते हुए दक्षिण जोन के पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और अनधिकृत पांचवीं मंजिल वाली इमारतों के खिलाफ शहरव्यापी अभियान चलाकर उन्हें सील करने के निर्देश भी दिए हैं।

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