राज्य ब्यूरो, शिमला। पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश ने साक्षरता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश की साक्षरता दर बढ़कर 99.55 प्रतिशत पहुंच गई है और वह गोवा के बाद देश में दूसरे स्थान पर है। केंद्र सरकार ने हिमाचल की इस उपलब्धि को सराहा है।
अंतर राष्ट्रीय साक्षारता दिवस पर दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र की ओर से सम्मान प्राप्त किया। अब शिक्षा विभाग ने मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। विभाग का फोकस केवल लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नव साक्षरों को आगे की शिक्षा और रोजगार से जोड़ने पर भी रहेगा।
जीवन कौशल पर भी काम
केंद्र सरकार के न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (उल्लास) के तहत प्रदेश के सभी 12 जिलों में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान चल रहा है। हिमाचल में यह कार्यक्रम वर्ष 2023-24 में शुरू हुआ था। इसके तहत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के साथ डिजिटल और वित्तीय साक्षरता, व्यावसायिक शिक्षा और जीवन कौशल पर भी काम किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि उल्लास पोर्टल पर अब तक 94,930 शिक्षार्थियों की पहचान कर पंजीकरण किया गया है। वहीं, 19,232 स्वयंसेवी शिक्षक पंजीकृत और प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। कार्यक्रम के तहत तीन परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं।
सितंबर 2024 की पहली परीक्षा में 13,551 शिक्षार्थियों में से 12,516 सफल हुए। मार्च 2025 की दूसरी परीक्षा में 28,534 में से 28,062 और मार्च 2026 की तीसरी परीक्षा में 17,657 में से 17,318 शिक्षार्थी सफल रहे। तीनों परीक्षाओं में कुल 61,542 शिक्षार्थियों का आकलन हुआ, जिनमें 59,896 सफल रहे। सफलता दर 97.3 प्रतिशत रही।
कम उम्र वालों को आगे पढ़ाएंगे
प्रदेश में अभी 28,480 निरक्षरों को साक्षर बनाने का कार्यक्रम जारी है। शिक्षा विभाग अब इन लोगों को साक्षर बनाने के बाद उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार आगे की राह दिखाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कम उम्र के नव साक्षरों को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
वहीं, अधिक उम्र के लोगों को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास होगा। दस्तावेज के अनुसार हिमाचल को आठ सितंबर 2025 को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया था। अब शेष 0.45 प्रतिशत आबादी को साक्षर करने के साथ डिजिटल साक्षरता, आजीवन सीखने और व्यावसायिक कौशल पर जोर रहेगा।
आज बाल भवन में लगेगा उल्लास मेला
दिल्ली के बाल भवन में आज उल्लास मेले का आयोजन होगा। हिमाचल प्रदेश इसमें अपनी प्रदर्शनी और स्टाल लगाएगा। प्रदेश की पूर्ण साक्षरता की यात्रा को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही हिमाचल की संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
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