फ्लाइंग ऑफिसर बने प्रिंस गंगवार

फ्लाइंग ऑफिसर बने प्रिंस गंगवार
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बीसलपुर। बीसलपुर के छोटे से गांव गोवल पतीपुरा के प्रिंस गंगवार इंडियन एयर फोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बन गए हैं। आसमान में हवाई जहाज को उड़ा कर दुश्मन से लोहा लेने के कड़े प्रशिक्षण की परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। बेंगलुरु में एयर फोर्स के केंद्रीय मुख्यालय द्वारा प्रशिक्षण में सफलता पाने का प्रमाण पत्र आज प्रिंस को सौंप दिया गया। जिससे उनके परिवार में खुशी छाई हुई है। प्रिंस गंगवार गोबल-पतीपुरा के निवासी हैं। उन्होंने कक्षा एक से कक्षा पांच तक की पढ़ाई गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय से की थी। इसके बाद आर्मी विद्यालय दिल्ली से स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की। बीटेक दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज से किया। बीटेक करने के उपरांत कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने 25 से 30 लाख तक का ऑफर दिया। उनका चयन सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए हो गया। परंतु इनका सपना आर्म्स फोर्स में ऑफिसर बनने का था। इन्होंने जून माह 2025 में आर्मी ऑफिसर और एयरफोर्स दोनों की कठिन परीक्षा पास की। परंतु एयरफोर्स में जाने का रास्ता चुना। छात्र ने एयर फोर्स की यूपीएसएसवी ऑल इंडिया की परीक्षा में 9वीं मेरिट के स्थान पर रहने का गौरव हासिल किया था। छात्र का चयन एयर फोर्स फ्लाइंग ऑफिसर के पद के लिए हुआ था। बेंगुलेरु में छात्र का कठिन प्रशिक्षण पूरा हो गया है। बेंगलुरु में आयोजित इस गौरवपूर्ण समारोह में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रिंस कुमार को भारतीय वायुसेना के अधिकारी बन जाने का प्रमाण पत्र दे दिया गया।प्रिंस कुमार के पिता सूबेदार मेजर महेश चंद्र, भारतीय सेना में सेवारत हैं। उन्हें पाकिस्तान से करगिल युद्ध व ऑपरेशन सिंदूर में अहम योगदान देने के लिए अलंकरण पुरस्कार से आर्मी चीफ के द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। देश सेवा से प्रेरित होकर प्रिंस कुमार के मन में भी राष्ट्रसेवा का जज्बा बचपन से ही रहा। इसी जुनून और दृढ़ संकल्प के चलते उन्होंने प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का मार्ग चुना।

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