धार| मध्य प्रदेश के धार ज़िले के निवासियों के लिए मंगलवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। स्वतंत्रता के 78 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह ज़िला आखिरकार भारतीय रेल नेटवर्क के नक्शे पर शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से 'छोटा उदयपुर-धार' रेल परियोजना के अंतर्गत नवनिर्मित टांडा रोड रेलवे स्टेशन का भव्य लोकार्पण किया।
मध्य प्रदेश के धार और गुजरात के छोटा उदयपुर को जोड़ने वाली इस रेल परियोजना के तहत 28 किलोमीटर लंबे जोबट-टांडा रोड रेलखंड का शुभारंभ किया गया। टांडा रोड रेलवे स्टेशन धार ज़िला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जबकि जोबट आलीराजपुर ज़िले का हिस्सा है। इस अवसर पर टांडा रोड से वडोदरा के प्रतापनगर के मध्य नई मेमू (MEMU) ट्रेन सेवा शुरू की गई, जिसे स्थानीय सांसद सावित्री ठाकुर ने हरी झंडी दिखाकर गंतव्य के लिए रवाना किया।
टांडा रोड स्टेशन पर रेल परिचालन शुरू होने से धार, कुक्षी, टांडा और पेटलावद क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों व व्यापारियों को आवागमन में अभूतपूर्व सुविधा मिलेगी। इस कनेक्टिविटी के माध्यम से धार ज़िला सीधे गुजरात से जुड़ गया है। अब तक इंदौर और रतलाम जैसे बड़े शहरों की यात्रा के लिए बसों पर आश्रित रहने वाले यात्रियों को सुलभ, सुरक्षित और किफायती रेल यातायात का विकल्प मिल गया है।
इस रेल स्वप्न को साकार होने में लगभग 18 वर्षों का समय लगा। उल्लेखनीय है कि 8 फरवरी 2008 को झाबुआ में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इस महत्वाकांक्षी रेल प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। इस परियोजना का मुख्य ध्येय दोनों राज्यों के दूरस्थ जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों को रेल मार्ग के जरिए मुख्यधारा से जोड़ना है।
ज़िले की सीमा तक ट्रेन पहुँचाने के लिए स्थानीय निवासियों ने वर्षों तक लंबा संघर्ष किया है। धार ज़िले की दहलीज तक रेल पहुँचने के बाद अब अगला लक्ष्य धार मुख्य शहर को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ना है। शहर तक ट्रेन सेवा पहुँचने से लाखों यात्रियों की राह आसान होगी और क्षेत्र के औद्योगिक व आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
(0)Comments