मुंगेर के नंदलालपुर गांव में होली के दिन एएसआई संतोष कुमार सिंह की हत्या करने के मामले में सभी आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह घटना 14 मार्च 2025 को हुई थी जब एएसआई विवाद सुलझाने पहुँचे थे। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
मुंगेर, एक संवाददाता। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर गांव में होली के दिन विवाद सुलझाने पहुंचे एएसआई संतोष कुमार सिंह की मारपीट कर हत्या करने के मामले में सोमवार को एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने एक ही परिवार के सभी आठ नामजद अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अन्य धाराओं में भी दोषियों को सजा एवं जुर्माना लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सजा के दौरान कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ज्ञात हो कि, मुफस्सिल थाना कांड संख्या- 78/2025 एवं सत्र वाद संख्या 299/2025 में सजा के बिंदु पर अभियोजन और बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद अदालत ने यह फैसला सोमवार को सुनाया। सजायाफ्ता अभियुक्तों में स्व. नारायण यादव के पुत्र रंजीत कुमार, रणबीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार एवं विकास कुमार, पत्नी रेखा देवी तथा बहू सरिता देवी (पति रंजीत कुमार) और मौसम कुमारी (पति रणबीर कुमार) शामिल हैं। अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बहस की।
होली के दिन विवाद शांत कराने पहुंचे थे एएसआई:
घटना 14 मार्च 2025 की है। नंदलालपुर गांव में दो पड़ोसियों के बीच विवाद की सूचना पर 112 की बाइक से एएसआई संतोष कुमार सिंह और सिपाही दीपक कुमार मौके पर पहुंचे थे। दोनों पक्षों को समझाने के दौरान एएसआई आरोपियों के आंगन में चले गए। आरोप है कि, वहां सभी अभियुक्तों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी तथा लोहे की रॉड और दबिया से सिर पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। एएसआई के बेहोश होने के बाद उन्हें घसीटकर दरवाजे पर छोड़ दिया गया। इसके बाद इलाज के दौरान पटना में उनकी मौत हो गई। सिपाही दीपक कुमार के लिखित आवेदन पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
दोषी करार होने के बाद पुलिसकर्मियों से भी की थी मारपीट:
ज्ञात हो कि, अदालत द्वारा पूर्व में दोषी करार दिए जाने के बाद सभी अभियुक्तों को पुलिस वाहन से जेल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों द्वारा सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट और हंगामा किए जाने का मामला सामने आया था। इस संबंध में कोतवाली थाने में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। फैसले के मद्देनजर किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए न्यायालय परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अभियुक्तों को ले जा रहे बंदी वाहन के साथ मोटरसाइकिल पर दो पुलिस जवान और पीछे पुलिस वाहन भी मुंगेर जेल तक गया। मामले में तीन महिलाओं को भी सजा हुई है। इनमें दो महिलाओं के छोटे बच्चे हैं। नियमानुसार दोनों मासूम अपनी-अपनी मां के साथ कारा में रहेंगे।
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