भारत के ब्रह्मोस का कॉन्फिडेंस, फिलीपींस ने चीन के मुंह पर दे मारा धमकी भरा खत

भारत के ब्रह्मोस का कॉन्फिडेंस, फिलीपींस ने चीन के मुंह पर दे मारा धमकी भरा खत
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Category: Politics
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Last Updated: September 08, 2026, 21:56 IST दक्षिण चीन सागर में चीन की दादागिरी और छोटे पड़ोसियों को डराने-धमकाने का खेल अब पुराना पड़ता दिख रहा है. जब से भारत ने फिलीपींस को खतरनाक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें सौंपी हैं, तब से मनीला का हौसला सातवें आसमान पर है. भारत से मिले इसी घातक हथियार और नए आत्मविश्वास के दम पर फिलीपींस ने दुनिया के सामने चीन को बेइज्जत करके कर दिया है. हाल ही में 'सिओल डिफेंस डायलॉग 2026' इवेंट के दौरान हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ. चीनी प्रतिनिधियों ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो तेओदोरो को दबाने के लिए एक धमकी भरी सीक्रेट चिट थमाई. इस पर मंत्री जी ने चुप रहने के बजाय उस पर्ची को माइक पर सबके सामने पढ़कर सुना दिया. चीन-फिलीपींस के बीच इंटरनेशनल मंच पर अचानक क्या हुआ? सिओल डिफेंस डायलॉग में दुनिया भर के बड़े सैन्य अधिकारी और रक्षा मंत्री जुटे हुए थे. फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो तेओदोरो जब साउथ चीन सागर के मुद्दे पर उठ रहे सवालों के जवाब दे रहे थे, तभी अचानक चीनी प्रतिनिधिमंडल का एक बंदा दौड़ता हुआ आया. उसने मंत्री जी के हाथ में एक पर्ची थमा दी. चीन को लगा था कि इस बंद कमरे वाली पुरानी चाल से फिलीपींस डर जाएगा और चीन के खिलाफ बोलना बंद कर देगा. हालांकि, भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से अपनी तटीय सुरक्षा मजबूत कर चुका फिलीपींस अब पुराने जमाने का कमजोर देश नहीं रहा. रक्षा मंत्री तेओदोरो ने उस पर्ची को जेब में डालने की जगह तुरंत माइक पर खोल लिया और पूरी दुनिया के सामने पढ़ना शुरू कर दिया. चीन की पर्ची में आखिर क्या लिखा था? फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने उस पर्ची का एक-एक शब्द पढ़कर सुनाया. पर्ची में चीन का पुराना घिसा-पिटा पैगाम लिखा था. उसमें कहा गया था कि दक्षिण चीन सागर में आर्बिट्रेशन के फैसले पर चीन का रुख साफ और मजबूत है. 2016 का फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और चीन इस तथाकथित फैसले को पूरी तरह अवैध और बेकार मानता है. पर्ची में दबाव बनाते हुए लिखा गया था कि चीन इस फैसले से जुड़ा कोई भी दावा या कार्रवाई कभी स्वीकार नहीं करेगा. 'क्योंकि तुम जंग हार चुके हो', मंत्री का करारा तंज Advertisement पर्ची पढ़ते-पढ़ते फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने चीन को जो जवाब दिया, उसे सुनकर हॉल में बैठे सभी दिग्गज हैरान रह गए. जैसे ही उन्होंने पढ़ा कि चीन अदालत के फैसले को नहीं मानता, तेओदोरो ने तुरंत कहा, 'बिल्कुल नहीं मानोगे, क्योंकि तुम मुकदमे में बुरी तरह हार चुके हो'. उन्होंने लातिनी कहावत 'रेस इप्सा लोक्विटुर' का जिक्र करते हुए कहा कि बातें खुद-ब-खुद सब सच बयान कर रही हैं. यानी चीन का ये बचकाना बर्ताव ही साबित कर रहा है कि वो कानून से कितना डरता है. 'थोड़ी तो शर्म करो', जिनपिंन की बिना नाम लिए लगाई क्लास चीन के इस बचकाने रवैये पर फिलीपींस के रक्षा मंत्री का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर जिनपिंग का नाम लिए बिना उन्हें मैसेज दिया. रक्षा मंत्री ने अपनी भाषा में कहा, 'कम से कम थोड़ी तो शर्म करो और सभ्य बनो'. उन्होंने कहा कि किसी दूसरे देश के मंत्री को भरे मंच पर इस तरह धमकाने वाली पर्ची थमाना बेहद शर्मनाक है. चीन को दुनिया के सामने अपनी ताकत का ढोल पीटने से पहले थोड़ी तमीज और सही शिष्टाचार सीख लेना चाहिए. भारत के ब्रह्मोस से कैसे बदला फिलीपींस का मिजाज? भारत ने फिलीपींस के साथ लगभग 2800 करोड़ रुपए का बड़ा रक्षा समझौता किया था. इसके तहत भारत ने फिलीपींस को समुद्र तट से दुश्मन के जहाजों को उड़ाने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की डिलीवरी कर दी है. ब्रह्मोस जैसी दुनिया की सबसे तेज और अचूक मिसाइल हाथ में आते ही फिलीपींस का रक्षा कवच लोहे की तरह मजबूत हो चुका है. अब उसे चीन की नौसेना या युद्धपोतों का कोई खौफ नहीं रहा. भारत से मिली इसी ताकत ने फिलीपींस को ड्रैगन की आंखों में आंखें डालकर बात करने का हौसला दिया है. 'ये कोई विवाद नहीं, चीन की खुली दादागिरी है' फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने मंच से साफ शब्दों में कहा कि चीन जो कर रहा है, वह कोई सामान्य सीमा विवाद नहीं है. उन्होंने कहा कि हम इसे अब सिर्फ कोई बातचीत का मुद्दा नहीं मान सकते. ये सीधे तौर पर छोटे देशों को डराना, दबाना और खुली दादागिरी है. उन्होंने कहा कि चीन इस तरह की हरकतों से अंतरराष्ट्रीय समुद्र कानून की धज्जियां उड़ा रहा है और साथ ही मेजबान देश दक्षिण कोरिया का भी अनादर कर रहा है. #DiKaPasisiil #SDD2026 pic.twitter.com/fsCRVphkgf MAHIYA NAMAN KAYO | Secretary of National Defense Gilberto C. Teodoro, Jr. responded to a note from the Chinese side during the Seoul Defense Dialogue (SDD) 2026 in Seoul, Republic of Korea. #DNDPHL — Department of National Defense – Philippines (@dndphl) September 8, 2026 'इस पर्ची को यादगार बनाकर रखूंगा', फिलीपींस का चीन को जवाब भाषण के आखिर में फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने उस पर्ची को हवा में लहराया और चुटकी लेते हुए कहा कि मैं इस कागज को एक यादगार की तरह संभाल कर रखूंगा. ये इस बात का सबूत है कि चीन कितना बैचैन और बेबस हो चुका है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में ये भी कहा कि जिस बंदे ने मुझे यह पर्ची लाकर दी, उसने अपने देश की बड़ी सेवा की है. बस मुझे उम्मीद है कि इस नाकाम कोशिश के लिए उसे चीन जाकर किसी जेल में न डाल दिया जाए. साउथ चीन सागर पर चीन की बेइज्जती क्यों हुई? चीन लंबे समय से 'नाइन डैश लाइन' का मनगढ़ंत नक्शा दिखाकर पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना मालिकाना हक जताता रहा है. साल 2016 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने फिलीपींस के हक में फैसला सुनाते हुए चीन के सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया था. हालांकि, चीन अपनी दबंगई के दम पर इस फैसले को मानने से भागता रहा. अब जब भारत जैसे देश फिलीपींस की सैन्य मदद कर रहे हैं तो चीन की ये आक्रामक नीति पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है.

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