संवाद सहयोगी, घाटमपुर(कानपुर)। कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में बीते रविवार को घर गिरने से घायल 19 वर्षीय काजल सोमवार रात कानपुर एलएलआर अस्पताल से पतारा निवासी फूफा के घर पहुंची। मंगलवार को दिन भर उसे पिता व तीन बहनों की मृत्यु की जानकारी नहीं दी गई। वह बार-बार सबका हाल पूछती रही। देर शाम को काजल को उसके चाचा गांव ले गए। वहां भी अभी उसे बताया गया कि पिता व बहनें अस्पताल में भर्ती हैं।
हिरनी में रविवार को घर गिरने से मुकेश सिंह और उनकी बेटियों माया, नीतू और पल्लवी की मौत हो गई थी। बड़ी बेटी 19 वर्षीय काजल को गंभीर हालत में कानपुर एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो दिन भर्ती रहने के बाद सोमवार रात को काजल को उसके चाचा वीरेंद्र और तेजबहादुर पतारा निवासी फूफा महेंद्र सिंह और बुआ गीता देवी के पास छोड़ गए थे। मंगलवार शाम को सभी उसे हिरनी गांव ले गए। इस दौरान भी काजल को उसके पिता व बहनों की मौत की सूचना नहीं दी गई।
पहले नीचे का हिस्सा गिरा, थोड़ी ही देर में पूरा घर ढह गया
काजल ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ वह छत पर बने किचन में चाय बना रही थी। सभी लोग पास के तखत में बैठे थे। इसी दौरान नीचे का कुछ हिस्सा गिरा। उसके देखने के लिए पिता मुकेश व बहनें माया, नीतू, पल्लवी नीचे उतरकर आईं। इसी बीच पूरा घर भराभरकर गिर गया। वह ऊपर छत पर थी, इसलिए मलबे में ज्यादा नहीं दब पाई, जबकि नीचे मौजूद पिता व बहनों के ऊपर ही पूरी छत ढह गई।
रात में सिर्फ दो घंटे सोई, पूछती रही पिता व बहनों का हाल
फूफा महेंद्र सिंह ने बताया कि रात को काजल को उसके चाचा लेकर उनके घर आए थे। रात दो बजे तक काजल जगती रही और पिता व बहनों का हाल पूछती रही। इसके बाद सुबह फिर चार बजे जग गई और घर में टहलने लगी। उनकी आखं खुली तो पूछा कि पिता व बहनों के पास जाना है। वह लगातार सवाल करती रही कि उन्हें एक ही अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया? छोटी बहन पल्लवी कैसी है? महेंद्र के मुताबिक वह दिनभर उसके सवालों को टालते रहे और उसका ध्यान भटकाते रहे।
(0)Comments